पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं। यह 16 साल बाद है जब कोई पोलिश प्रधानमंत्री भारत आया है। टस्क ने गुरुवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने और रक्षा क्षेत्र में मिलकर हथियार बनाने पर फोकस है। टस्क के साथ लगभग 100 पोलिश कंपनियों का एक बिज़नेस डेलीगेशन भी भारत आया है। पोलैंड 2030 तक भारत के साथ अपने सालाना व्यापार को दोगुना करना चाहता है।
Poland can be a gate for India to Europe, says Poland PM Donald Tusk https://t.co/BDqkHmUzAV
— Sidhant Sibal (@sidhant) October 22, 2026
मोदी ने नवानगर के महाराजा का ज़िक्र किया
मोदी और टस्क के बीच मुलाकात में दोनों देशों के पुराने रिश्तों की झलक भी देखने को मिली। मोदी ने ‘अच्छे महाराजा’ का ज़िक्र किया। यह नाम जामनगर के महाराजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा को दिया गया था। उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान भारत में लगभग 1,000 पोलिश बच्चों को पनाह दी थी।
पार्टनरशिप मजबूत करने पर फोकस
पोलैंड, भारत के साथ मिलकर हथियार और डिफेंस इक्विपमेंट बनाने की संभावना तलाश रहा है। दोनों देश मिलकर डिफेंस इक्विपमेंट डिजाइन, डेवलप और बना सकते हैं। इसके लिए आपसी भरोसा बनाना और कॉन्फिडेंशियल जानकारी की सिक्योरिटी से जुड़े एग्रीमेंट करना जरूरी है।
2030 तक ट्रेड दोगुना करने का टारगेट
पोलैंड 2030 तक भारत के साथ अपना सालाना ट्रेड दोगुना करना चाहता है। इसके लिए करीब 100 कंपनियों का एक डेलीगेशन भारत आया है। ये कंपनियां भारतीय मार्केट में बिजनेस और पार्टनरशिप के नए मौके तलाशेंगी। भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भी दोनों पक्षों के बीच ट्रेड बढ़ सकता है।
स्पेस और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी सहयोग
भारत और पोलैंड स्पेस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे एरिया में भी मिलकर काम कर सकते हैं। पोलैंड की फूड प्रोसेसिंग, माइनिंग और मशीनरी सेक्टर में भी अच्छी पकड़ है। टस्क नई दिल्ली में इंडिया-पोलैंड बिजनेस फोरम में शामिल होंगे। 23 अक्टूबर को वह बेंगलुरु जाएंगे, जहां वह टेक्नोलॉजी और स्पेस सेक्टर से जुड़े लोगों से मिलेंगे।
यूक्रेन में शांति पर भी फोकस
पोलैंड भारत को एक उभरती हुई ग्लोबल पावर के तौर पर देखता है। वह यूक्रेन में शांति की कोशिशों और इंटरनेशनल कोऑपरेशन के मुद्दों पर भी भारत के साथ काम करने को तैयार है।
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