राज ठाकरे के ‘वोट चोरी’ बयान पर फडनवीस का करारा पलटवार!

सीएम देवेंद्र फडनवीस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह गंभीरता से लेने वाले लोग नहीं हैं।

राज ठाकरे के ‘वोट चोरी’ बयान पर फडनवीस का करारा पलटवार!

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मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के ‘वोट चोरी’ वाले बयान पर पलटवार किया। सीएम के मुताबिक ऐसा वो वह पार्टी कार्यकर्ताओं को दिलासा देने के लिए कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री फडनवीस ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दिल बहलाने के लिए खयाल अच्‍छा है, गालिब…मैं वही कहना चाहता हूं कि वे बस खुद को दिलासा दे रहे हैं और अपने कार्यकर्ताओं को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे वास्तव में जीत रहे थे।

अपने कार्यकर्ताओं को बिखरने से बचाने के लिए वे अपनी हार के लिए साजिशों की बात कर रहे हैं, लेकिन मैं उनसे बस इतना कहना चाहता हूं कि जब तक वे अपनी हार पर आत्मचिंतन नहीं करेंगे, वे कभी नहीं जीतेंगे।

लोगों ने पीएम मोदी और मुझे चुना है। जब तक वे जनता का अपमान करते रहेंगे और झूठ बोलते रहेंगे, वे जीतकर नहीं आ सकते।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी बोलते ज्‍यादा हैं और काम कम करते हैं। इस पर सीएम देवेंद्र फडनवीस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह गंभीरता से लेने वाले लोग नहीं हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने रविवार को ‘भारत के पहले स्मार्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गांव (पायलट आधार पर) सतनावरी, नागपुर’ का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक चरण सिंह ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सीएमओ महाराष्ट्र ने कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर जानकारी देते हुए लिखा- नागपुर (ग्रामीण) का सतनावरी गांव ‘भारत का पहला स्मार्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)’ गांव बन गया है।

इस गांव में मोबाइल कनेक्टिविटी के माध्यम से विभिन्न डिजिटल पहलों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इन विभिन्न परियोजनाओं से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और जन कल्याण से जुड़ी ग्राम-स्तरीय योजनाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा।

इससे पहले, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक बंगले ‘वर्षा’ पर मुलाकात की थी। राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह से नगर नियोजन और ट्रैफिक जाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए थी।

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