ट्रंप के टैरिफ पर संघीय अदालत की रोक, भारत को आंशिक राहत​!

​ ट्रंप प्रशासन ने व्यापार घाटा कम करने के नाम पर भारत और ब्राजील सहित कई देशों पर 10 से 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया था

ट्रंप के टैरिफ पर संघीय अदालत की रोक, भारत को आंशिक राहत​!

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अमेरिकी संघीय अपीलीय अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया है। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया है। कोर्ट का कहना है कि आयात पर टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी संसद (कांग्रेस) को है, न कि राष्ट्रपति को।

ट्रंप प्रशासन ने व्यापार घाटा कम करने के नाम पर भारत और ब्राजील सहित कई देशों पर 10 से 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया था। भारत के लिए यह फैसला राहत की खबर जरूर है, लेकिन तत्काल छूट नहीं मिली है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश 14 अक्तूबर से लागू होगा। यानी तब तक भारतीय उत्पादों पर 50% आयात शुल्क जारी रहेगा।

कोर्ट ने यह भी माना कि राष्ट्रपति आपातकालीन परिस्थितियों में कुछ शक्तियों का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन टैरिफ लगाने का अधिकार उन्हें नहीं है। 11 जजों की पीठ में से 7 ने टैरिफ को गैरकानूनी माना, जबकि 4 असहमत रहे।

व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि इस फैसले को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। यदि सर्वोच्च न्यायालय भी टैरिफ को असंवैधानिक ठहराता है, तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति और कांग्रेस की शक्तियों के दायरे को परिभाषित करने वाला ऐतिहासिक निर्णय होगा।

भारत के लिए स्थिति यह है कि टैरिफ हटने पर भी केवल 25% अतिरिक्त शुल्क से ही आंशिक राहत मिल पाएगी, क्योंकि रूस से तेल खरीद के चलते ट्रंप प्रशासन ने भारत पर विशेष दंडात्मक टैरिफ भी लगाया था।

अब सबकी निगाहें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पर हैं, जहां से अंतिम फैसला आने में कई महीने लग सकते हैं। अगर ट्रंप प्रशासन हारता है, तो यह देखना अहम होगा कि पहले से वसूले गए अरबों डॉलर के टैरिफ की भरपाई कैसे होगी।

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