लगभग 17 वर्षों बाद राजनीति में वापसी करते हुए ख़ालिदा ज़िया के बेटे तारिक रहमान ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को संसदीय चुनावों में स्पष्ट बहुमत दिलाया है। पार्टी के 151 सीटों के आँकड़े को पार करने के साथ ही तारिक रहमान के बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावनाएँ प्रबल हो गई हैं। इस जीत के साथ ही उनकी संपत्ति, आय और चुनावी खर्च को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज़ हो गई है।
60 वर्षीय तारिक रहमान, बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया के पुत्र हैं। उन्होंने ढाका-17 और बोगुरा-6 की दोनों सीटों पर भारी अंतर से जीत दर्ज की है। लंबे समय तक लंदन में निर्वासन में रहने के बाद यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक वापसी मानी जा रही है।
चुनाव आयोग में दाखिल हलफ़नामे के अनुसार, तारिक रहमान ने अपनी वार्षिक आय 6.76 लाख टका (लगभग 5 लाख रुपये) घोषित की है। यह आय शेयर, बॉन्ड और फिक्स्ड डिपॉज़िट से होने वाली आमदनी बताई गई है। उनके बैंक में कुल जमा लगभग 1.23 करोड़ टका (करीब 92 लाख रुपये) हैं, जिनमें से लगभग 31.6 लाख टका नकद या बचत खातों में रखे गए हैं। शेष राशि फिक्स्ड डिपॉज़िट में है, जिनमें कुछ उनकी बेटी से जुड़े खाते भी शामिल बताए गए हैं।
चल संपत्ति के मामले में उन्होंने बहुत सीमित विवरण दिया है। हलफ़नामे के अनुसार, उनके पास दो लाख टका से कम मूल्य का फर्नीचर और मात्र 2,950 टका मूल्य का सोना है। अचल संपत्ति में बोगुरा ज़िले में दो एकड़ से अधिक ज़मीन के अलावा गाज़ीपुर और कॉक्स बाज़ार में विरासत में मिली ज़मीन शामिल है।
तारिक रहमान की पत्नी डॉ. ज़ुबैदा रहमान की घोषित आय और संपत्ति उनसे कहीं अधिक है। उनके अनुसार, ज़ुबैदा की वार्षिक आय लगभग 35.6 लाख टका (करीब 26.7 लाख रुपये) है। उनके बैंक अकाउंट में लगभग 1 करोड़ टका जमा हैं, जिनमें 66.5 लाख टका बचत खातों में हैं। संयुक्त स्वामित्व वाली ज़मीन और 800 वर्ग फुट के एक डुप्लेक्स मकान की मालिक भी हैं। तारिक ने लगभग 1 लाख टका टैक्स दिया है, जबकि उनकी पत्नी ज़ुबैदा ने करीब 5.6 लाख टका कर चुकाया है।
हलफ़नामे में यह भी सामने आया है कि तारिक रहमान ने केवल एक सीट पर प्रचार के लिए लगभग 30 लाख टका खर्च किए, जो कथित तौर पर बैंक जमा और कृषि आय से आई बताई गई। हालांकि, घोषित वार्षिक आय की तुलना में चुनावी खर्च कहीं अधिक होने से राजनीतिक विश्लेषकों के बीच सवाल खड़े हुए हैं।
बता दें की, तारिक रहमान का नाम अतीत में कई भ्रष्टाचार मामलों से जुड़ा रहा है। 2023 में ढाका की अदालत ने उन्हें 2007 से जुड़े एक भ्रष्टाचार मामले में नौ साल की सज़ा सुनाई थी और आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 4.82 करोड़ टका से अधिक की अवैध आय अर्जित की और 4.23 करोड़ टका की संपत्ति छिपाई। एक अन्य मामले में सिंगापुर भेजी गई 20.41 करोड़ टका की राशि को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का दोष भी लगाया गया था। हालांकि, बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सभी 77 मामलों से बरी कर दिया है।
समर्थकों का कहना है कि ये सभी मामले राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा थे, जबकि आलोचकों के अनुसार आय, संपत्ति और राजनीतिक फंडिंग से जुड़े सवाल अब भी बने हुए हैं।
BNP की जीत के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। संभावित प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका जितनी मज़बूत हो रही है, उतनी ही उनकी संपत्ति और पारदर्शिता पर सार्वजनिक निगरानी भी बढ़ने की संभावना है।
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