शिवालिक करीब 45 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर पहुंचा है, जो लगभग 32 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है।
यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला एलपीजी जहाज है।
सोमवार को भारत सरकार के मंत्रालयों की प्रेस ब्रीफिंग में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया, “शिवालिक एलपीजी कैरियर, जो फारस की खाड़ी से रवाना हुआ था, होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत पहुंचा।”
इसके साथ ही सिन्हा ने विश्वास दिलाया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, “पिछले 24 घंटों में किसी तरह की घटना की सूचना नहीं मिली है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हर जहाज और उसके क्रू मेंबर के साथ संपर्क बना हुआ है। फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में अभी भी भारत के झंडे वाले 22 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं।”
सिन्हा ने बताया कि यूएई से चली शिप 17 मार्च तक क्रूड लेकर भारत पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा, “भारतीय झंडा वाले जहाज ‘जग लाडकी’ ने 14 मार्च को यूएई से रवाना होकर करीब 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर यात्रा शुरू की है। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। यह जहाज कल मुंद्रा बंदरगाह पहुंच जाएगा।”
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