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Monday, February 16, 2026
होमदेश दुनिया‘एग्रीकल्चर फर्स्ट’ नीति से आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर की नींव : उपराज्यपाल ! 

‘एग्रीकल्चर फर्स्ट’ नीति से आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर की नींव : उपराज्यपाल ! 

उन्होंने 'एग्रीकल्चर फर्स्ट' नीति को विकसित भारत और आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर की नींव बताते हुए कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र ही सबसे बड़ी इंश्योरेंस पॉलिसी है| 

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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एसकेयूएएसटी-जम्मू परिसर में आयोजित तीन दिवसीय एग्रीकल्चर समिट और किसान मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘एग्रीकल्चर फर्स्ट’ नीति को विकसित भारत और आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर की नींव बताते हुए कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र ही सबसे बड़ी इंश्योरेंस पॉलिसी है, जिसे कोई भी विकासशील समाज या देश नजरअंदाज नहीं कर सकता।

उपराज्यपाल सिन्हा ने मुख्य भाषण में ‘एआई-पावर्ड एडवांस्ड एग्रीकल्चर’ पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “क्लाइमेट चेंज, आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी कृषि हमें स्थिरता और नागरिकों को खुशहाली देती है। एआई तकनीक खेती में क्रांति लाएगी। हमें छोटे और सीमांत किसानों के लिए सस्ते, प्रभावी और काम के सॉल्यूशन चाहिए।”

उन्होंने अधिकारियों, एसकेयूएएसटी और विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि आईओटी सेंसर और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर डिजिटल फार्म ट्विन बनाए जाएं। इससे सटीक सिंचाई संभव होगी और पानी की खपत 50-60 प्रतिशत तक कम हो सकेगी।

एलजी ने किसान-केंद्रित एआई टूल्स विकसित करने पर बल दिया, जो पैदावार 15-30 प्रतिशत तक बढ़ाएंगे, इनपुट लागत 50 प्रतिशत तक घटाएंगे और रियल-टाइम मिट्टी, फसल स्वास्थ्य एवं पोषक तत्वों का डेटा प्रदान करेंगे।

उपराज्यपाल ने गांव स्तर पर क्लाइमेट-रेजिलिएंट लोकल किस्मों के बीज बैंक स्थापित करने का आदेश दिया। उन्होंने सर्कुलर फार्मिंग मॉडल पर जोर देते हुए कहा कि फसल अवशेष को हाई-प्रोटीन पशु चारे में बदलना और खाद को ऑर्गेनिक उर्वरक के रूप में वापस मिट्टी में लौटाना चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और बाहरी इनपुट पर निर्भरता खत्म होगी।

उन्होंने सभी 20 जिलों में प्रोसेसिंग सुविधाएं स्थापित करने और एफपीओएस को वैल्यू-एडेड उत्पादों के लिए सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने की आवश्यकता बताई ताकि किसानों को पूरा मार्जिन मिले और बिचौलियों का प्रभाव कम हो।

एलजी ने हाल के ट्रेड डील्स पर फैलाई जा रही गलत सूचनाओं का खंडन करते हुए कहा कि भारत सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा कर रही है और कड़े सेफगार्ड्स लागू किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी स्टार्टअप, इंडस्ट्री और यूनिकॉर्न पैदा करती है, जबकि कृषि जीवन का आधार है। मजबूत कृषि का मतलब मजबूत देश, बेहतर अर्थव्यवस्था और मानवीय खुशहाली है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का जिक्र करते हुए कहा कि जल्द ही दुनिया की हर थाली में भारतीय डिश होगी और कृषि विकसित भारत का सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनेगा।

समारोह में उपराज्यपाल ने बायर लर्निंग सेंटर, ब्रांडिंग सेंटर, पेस्टिसाइड क्वालिटी कंट्रोल लैब सहित कई सुविधाओं का उद्घाटन किया। एसकेयूएएसटी-एग्रीथॉन 2.0 के स्टार्टअप विजेताओं को सम्मानित किया गया और कई प्रकाशन जारी किए गए।

इस अवसर पर कृषि मंत्री जाविद अहमद डार, मुख्य सचिव अटल डुल्लो, अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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