सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बाद ही साफ होगा कि आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा। अब कर सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन मांगों पर कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया।
मुलाकात को लेकर भूख हड़ताल कर रहे प्रेम नायक ने आईएएनएस से कहा कि सरकार ने वार्ता के लिए कई बार बुलाया, लेकिन गोल-गोल बातें की गईं। वहीं, छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “आज की मुलाकात से उम्मीदें हैं कि हमारी सभी मांगें पूरी होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि हम अपनी मांगों पर डटे हुए हैं। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती है, हम लोग आंदोलनरत रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि हमें सीडीओ के माध्यम से वार्ता का संदेश मिला था। आज हम लोग फिर से वार्ता के लिए जाएंगे, लेकिन हमारी मांगें तटस्थ हैं। अपनी मांगों को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे।”
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “हमारे अनिश्चितकालीन धरने का यह 24वां दिन है। पिछले 12-13 दिन से हमारे चार साथी भूख हड़ताल कर रहे हैं। दो साथी अस्पताल में भर्ती हैं और दो धरनास्थल पर मौजूद हैं।”
प्रेम नायक ने कहा, “मेरी भूख हड़ताल का 14वां और धरने का 24वां दिन है। हमारी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। हम बैठ नहीं पा रहे हैं, चल नहीं पा रहे हैं और सो नहीं पा रहे हैं। लगता नहीं है कि हम ज्यादा दिन बच पाएंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार को गंभीर होना चाहिए, क्योंकि हमारी मांगें जायज हैं। इसलिए सरकार तुरंत कार्रवाई करे और मांगों को पूरा करे। अभी कुछ नहीं बिगड़ा है। अभी तक गांधीवादी तरीके से आंदोलन चला है। आप मांगें नहीं मांगेंगे तो छात्र आने वाले समय उग्र हो सकते हैं और उसका परिणाम सरकार को भुगतना होगा। सरकार जनता से बड़ी नहीं हो सकती है।
