जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले और उसमें पाकिस्तान की भूमिका को लेकर देशभर में आक्रोश है। इस मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और हरियाणा सरकार में मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि सरकार आतंकवादियों और उनके आकाओं को तहस-नहस करने की दिशा में पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।
नकवी ने कहा कि कश्मीर घाटी में पहली बार मस्जिदों, चौपालों और लाल चौक जैसे प्रमुख स्थानों से आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठ रही है, जो इस बात का प्रतीक है कि घाटी की जनता अब आतंक और अलगाववाद से ऊब चुकी है। घाटी में आतंक के खिलाफ बगावत के सुर उठ रहे हैं। यह पहली बार है जब लोग खुलकर आतंकियों के खिलाफ खड़े हो रहे हैं, जो सुखद संकेत है।
हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान ने फिर एक बार कायराना हरकत की है, जिसकी पूरे देश और विश्व ने निंदा की है। अब वक्त आ गया है कि उसे सबक सिखाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं, जैसे- सिंधु जल संधि को रद्द करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर उन्हें वापस भेजना और भारतीय राजदूतों की वापसी और पाकिस्तान के राजनयिकों को वापस भेजना शामिल है।
अरविंद शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, जिससे देश को यह संदेश गया कि सरकार इस गंभीर मसले को हल्के में नहीं ले रही। पूरा देश इस मुद्दे पर एकजुट है। यह सिर्फ एक राजनीतिक या सीमित क्षेत्र का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का सवाल है।
आतंकवाद पर सख्ती ज़रूरी, सिंधु जल समझौते का स्थगन सही कदम: वी. कंदासामी!



