महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा तेजस्वी यादव होंगे, जो पिछड़े वर्ग से आते हैं और दो बार उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। हालांकि, सहयोगी दलों ने अभी तक औपचारिक रूप से उनके नाम पर मुहर नहीं लगाई है। तेजस्वी का मुकाबला एनडीए के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से होगा, जिनकी सरकार में वर्तमान में दो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा हैं।
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि सीट बंटवारे का फार्मूला लगभग तय हो गया है। इसके अनुसार आरजेडी 125 सीटों पर, कांग्रेस 50-55 सीटों पर और वाम दल 25 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। शेष सीटें वीआईपी, लोक जनशक्ति पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच बांटी जाएंगी।
तीन उपमुख्यमंत्री की योजना सामाजिक समावेशन का संदेश देती है। कांग्रेस नेता प्रवीन सिंह कुशवाहा ने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। वीआईपी के मुकेश साहनी को महागठबंधन में एक उपमुख्यमंत्री बनाने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषक धीरेंद्र कुमार का कहना है कि तीन उपमुख्यमंत्री का फार्मूला तेजस्वी को यादव-केंद्रित छवि से दूरी और दलित, पिछड़े एवं मुस्लिम वर्गों को दृश्य भागीदारी देने का अवसर प्रदान करेगा। महागठबंधन का यह कदम सत्ता समीकरणों को साधने और 123 सीटों के बहुमत को हासिल करने की रणनीति का हिस्सा है।
बिहार में अब तक 10 उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, जिनमें अनुग्रह नारायण सिन्हा और सुशील कुमार मोदी लंबे कार्यकाल के लिए प्रसिद्ध हैं। तेजस्वी ने 2015 से 2025 के बीच दो कार्यकालों में तीन साल से अधिक उपमुख्यमंत्री का अनुभव हासिल किया है।
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