हिमाचल प्रदेश: पेंशन न मिलने पर पथ परिवहन पेंशनर्स नाराज़!

सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश: पेंशन न मिलने पर पथ परिवहन पेंशनर्स नाराज़!

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हिमाचल प्रदेश में सेवानिवृत्त पथ परिवहन कर्मियों का सरकार के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा है। पथ परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन, चंबा इकाई की मासिक बैठक शनिवार (12 जुलाई) को लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में संपन्न हुई, जिसमें पेंशन न मिलने, मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी और एरियर से वंचित रहने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। पेंशनर्स ने सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।

बैठक में उपस्थित पेंशनर्स ने सरकार पर आरोप लगाया कि बार-बार मांगों के बावजूद समय पर पेंशन का भुगतान नहीं हो रहा, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। संगठन का कहना है कि हर महीने की पहली तारीख को पेंशन मिलनी चाहिए, लेकिन कई बार महीनों गुजर जाते हैं और पेंशन नहीं आती।

अप्रैल 2024 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब तक कोई वित्तीय लाभ नहीं दिया गया है, जिससे उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। बैठक में यह भी सामने आया कि पेंशनर्स के मेडिकल बिलों का भुगतान लगभग ढाई वर्षों से लंबित है। इससे बुजुर्ग पेंशनर्स को इलाज कराने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। संगठन ने सरकार से तत्काल बिलों के निपटारे की मांग की है।

संगठन ने बताया कि 2016 में संशोधित वेतनमान के तहत अन्य विभागों के कर्मचारियों को एरियर मिल चुका है, लेकिन परिवहन निगम के पेंशनर्स को अब तक इससे वंचित रखा गया है। यह भी संगठन की प्रमुख मांगों में से एक है। बैठक में तकनीकी स्टाफ की कमी और निगम की बसों की खराब हालत पर भी चिंता जताई गई। संगठन ने मांग की है कि कर्मशालाओं में उच्च गुणवत्ता के कल-पुर्जों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और तकनीकी कर्मचारियों की शीघ्र भर्ती की जाए ताकि यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके।

संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और परिवहन प्रबंधन की होगी। वरिष्ठ पेंशनर्स का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन ने सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने और समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है।

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