1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के वकील एचएस फूलका भाजपा में शामिल

पंजाब चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज

HS Phoolka, lawyer representing victims of the 1984 anti-Sikh riots, joins the BJP

1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फूलका ने बुधवार(1 अप्रैल) को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक फूलका करीब सात साल बाद सक्रिय राजनीति में लौटे हैं। उनके इस कदम को पंजाब में बीजेपी के लिए अहम राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है।

फूलका ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में हरदीप सिंह पुरी, मनजिंदर सिंह सिरसा और तरुण चुघ की मौजूदगी में बीजेपी जॉइन की। एचएस फूलका सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं और उन्होंने 1984 सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस काम के कारण उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

AAP से शुरू किया था राजनीतिक सफर:

फूलका ने 2014 में आम आदमी पार्टी के साथ राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने उसी साल लोकसभा चुनाव लुधियाना सीट से लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने दखा सीट से जीत हासिल की और कुछ समय के लिए विपक्ष के नेता भी रहे।

हालांकि, फूलका ने 2018 में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने उस समय कहा था कि वह दंगा पीड़ितों के मामलों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। बाद में 2019 की शुरुआत में उन्होंने AAP भी छोड़ दी। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के साथ भी संक्षिप्त रूप से जुड़ाव किया था।

2027 चुनाव से पहले सियासी संदेश

पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले फूलका का भाजपा में शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पार्टी को सिख समुदाय और मानवाधिकार मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

एचएस फूलका की छवि एक ईमानदार और न्याय के लिए संघर्ष करने वाले नेता की रही है, जो बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से लाभकारी साबित हो सकती है। फिलहाल उनकी भूमिका को लेकर पार्टी की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले समय में उन्हें पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका दी जा सकती है।

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