सोनिया गांधी के आवास पर जाने के बाद दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार से पूछा गया कि क्या वे प्रियंका गांधी वाड्रा या राहुल गांधी से मिले थे?
उन्होंने जवाब दिया, “मैं 10 जनपथ आया था। मुझे यह बताने की कोई आवश्यकता नहीं है कि मैं किससे मिला और क्यों मिला। मैं सड़क पर खड़े होकर राजनीति करने को तैयार नहीं हूं। हम अपने राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले और जो भी चर्चा होनी थी, उस पर चर्चा की। बस इतना ही।”
उन्होंने कहा, “देखिए, मैं यहां राजनीति करने आया हूं। मैं सिर्फ दिल्ली में सांस लेने और नेतृत्व से चर्चा करने के लिए नहीं आया हूं। जिन बातों पर चर्चा होनी थी, मैंने उन पर चर्चा की है। समय सब कुछ स्पष्ट कर देगा।”
बुधवार रात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी महासचिव तथा कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल से हुई मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा, “बिल्कुल। दिल्ली पहुंचने पर मुझे सभी मामलों की जानकारी देनी होगी और सभी मामलों पर चर्चा करनी होगी। मैंने उनसे सब कुछ पर चर्चा कर ली है। मेरे लिए सार्वजनिक रूप से सभी विवरणों पर चर्चा करना संभव नहीं है।”
शिवकुमार ने आगे कहा, “हमने असम विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक मामलों पर चर्चा की है। मैंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल और अन्य राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की और इस बात पर विचार-विमर्श किया कि हमें किस दिशा में काम करना चाहिए। हमने अपनी सभी रिपोर्टों की तुलना की और असम में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता में लाने की तैयारी की।”
शिवकुमार के बयानों से कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल मचने की संभावना है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शिवकुमार आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, 10 जनपथ पर शिवकुमार ने सबसे पहले प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की और असम चुनाव से संबंधित मामलों पर चर्चा की। बाद में, उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर चर्चा की। शिवकुमार काफी समय से राहुल गांधी से मिलने का समय मांग रहे थे।
शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है और उनके विधायक पार्टी के उच्च कमान से नेतृत्व के मुद्दे को लेकर फैली भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए हस्तक्षेप का आग्रह कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश ने बुधवार को कहा था कि कांग्रेस में बाहर से आए लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। राजनीतिक हलकों में इस बयान को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर परोक्ष कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है, जो नेतृत्व की खींचतान के बीच हो रहा है।
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