एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, “हमारे पास अमेरिकी सरकार की तरफ से निमंत्रण आया है। हमसे आप बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को कहा गया है। हम प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।
वहीं, इस्लामाबाद ने गुरुवार को ऐलान किया कि वो यूएस ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक में हिस्सा लेने (19 फरवरी को प्रस्तावित) वाशिंगटन जाएगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ यूएस में होने वाली बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में शामिल होंगे, उनके साथ उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार भी होंगे।
पाकिस्तान उन 14 देशों में से एक है जिन्होंने 22 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे।
डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाला बोर्ड ऑफ पीस शुरुआत में एक सीमित उद्देश्य को ध्यान में रखकर बनाया गया था। इसे पहले वैश्विक नेताओं के एक छोटे समूह के रूप में तैयार किया गया, जिसका मुख्य मकसद गाजा युद्धविराम योजना की निगरानी करना बताया गया था। लेकिन कथित तौर पर ट्रंप प्रशासन की महत्वाकांक्षाएं इस बोर्ड को लेकर बढ़ गईं।
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