सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी राजदूत फथाली ने लिखा, “ईरान के फार्मास्यूटिकल हब को टारगेट करने से हजारों गंभीर रूप से बीमार मरीज इंसानी तबाही के कगार पर आ गए हैं। मानवाधिकार विशेषज्ञ इसे ‘युद्ध अपराध’ का साफ और खुला उदाहरण मानते हैं। आधुनिक बर्बरता।”
इराक में अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा है कि इराक में ईरान से जुड़े मिलिशिया समूह अगले 24-48 घंटों में सेंट्रल बगदाद में हमले करने का विचार कर सकते हैं।
दूतावास ने बताया कि दो दिन पहले बगदाद में एक अमेरिकी पत्रकार के अपहरण की खबरों के बाद मिलिशिया ने अमेरिकियों को अपहृत करने के लिए टारगेट किया है। दूतावास ने चेतावनी दी, “अमेरिकी नागरिकों को अब इराक छोड़ देना चाहिए।”
काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (सीएआईआर) ने ईरान को ‘वापस पाषाण युग में भेजने’ की ट्रंप की धमकी की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि ये बातें मुस्लिम विरोधी, नस्लवादी और अमानवीय हैं। सीएआईआर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करना एक वॉर क्राइम है।”
इसके साथ ही उन्होंने सांसदों से युद्ध रोकने के लिए कार्रवाई करने की अपील की। इसमें कहा गया, ”ट्रंप सरकार ने इजरायल को हमारे देश को अमेरिकी लोगों की मर्जी के खिलाफ एक गैर-कानूनी हमले की लड़ाई में घसीटने दिया।
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