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घुसपैठियों को वैध मतदाता के रूप में देखना गलत : मुख्तार अब्बास नकवी!

नकवी ने कहा कि जिस तरह का तेजस्वी ने जैसा बयान दिया है वह ठीक नहीं है और घुसपैठियों को वैध मतदाता के रूप में देखना गलत है।

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने बिहार मतदाता सूची में विदेशी नागरिकों के नाम होने के दावों पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव की टिप्पणी पर जोरदार पलटवार किया है। नकवी ने कहा कि जिस तरह का तेजस्वी ने जैसा बयान दिया है वह ठीक नहीं है और घुसपैठियों को वैध मतदाता के रूप में देखना गलत है।

सोमवार को बातचीत के दौरान मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि घुसपैठियों को वैध मतदाता के तौर पर देखना या उनकी वैधता का समर्थन करना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि ये घुसपैठिए, चाहे वे बांग्लादेश, म्यांमार या कहीं और से आए हों, भारतीय नागरिकों, खासकर वैध मुस्लिम नागरिकों के आर्थिक और शैक्षिक अधिकारों का हनन कर रहे हैं।

नकवी ने जोर देकर कहा कि ऐसी गतिविधियां नागरिकों के अधिकारों का अपहरण हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर भ्रम फैलाना खतरनाक है और यह देश के हित में नहीं है।

उन्होंने इंडी अलायंस पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे लगता है कि जो भी दल, चाहे वो तेजस्वी यादव की पार्टी हो, कांग्रेस पार्टी हो या कोई और दल, आज अवैध मतदाता बन चुके घुसपैठियों को नजरअंदाज करने की बात कर रहे हैं या अपनी वैधता साबित करने और दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, वो सही नहीं है।

ये घुसपैठिए वैध मतदाता बनकर भारत के नागरिकों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं, उनके अधिकारों का अपहरण करना है। अधिकारों के इस अपहरण और हड़पने में अगर सबसे ज़्यादा कोई पीड़ित है, तो वो हैं भारत के वैध मुसलमान।
ये घुसपैठिए, चाहे वो बांग्लादेश से आए हों, म्यांमार से आए हों या कहीं और से, अगर वो किसी का हक मार रहे हैं, तो वो भारत के उन मुसलमानों का हक मार रहे हैं, जिनके आर्थिक और शैक्षिक अधिकार हैं, जिनके दूसरे अधिकार हैं। उसको हाईजैक कर लेते हैं। इसीलिए घुसपैठियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आईआईएम कोलकाता में छात्रा के साथ बलात्कार मामले पर नकवी ने कहा कि कोई भी संस्थान केंद्र, राज्य, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय या निजी हो सकता है, लेकिन वहां के लोगों की सुरक्षा, संस्थान की सुरक्षा और वहां काम करने या पढ़ने वाले लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। अगर आप इसे छिपाने की कोशिश करेंगे तो यह ठीक नहीं है।

‘ऑपरेशन कालनेमि’ पर उन्होंने कहा कि पैसे, धोखे और धमकी के जरिए किसी भी तरह का धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं होना चाहिए, चाहे वो पैसे, धोखे या धमकी के जरिए हो, चाहे वो धोखाधड़ी से हो, जबरदस्ती हो या फिर वित्तपोषित हो। जो लोग इस धंधे में शामिल हैं, उन पर निश्चित रूप से कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है और उनके ख़िलाफ कार्रवाई ज़रूरी है।

आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के दस्तावेज़ सार्वजनिक होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर एक कलंक है। आपातकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए पापों, अपराधों और अपराधों को नज़रअंदाज या छिपाया नहीं जा सकता।

कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान जो कुछ किया, आज वही लोग संविधान की प्रति लेकर घूम रहे हैं, जबकि उसी कांग्रेस पार्टी ने संविधान की धज्जियां उड़ाकर उसकी मूल भावना का अपहरण किया था। इसलिए, आने वाली सभी पीढ़ियों को उस सच्चाई को याद रखना होगा। इसलिए जो भी दस्तावेज़ लोगों के सामने आए हैं, वे देशहित में हैं।

शुभांशु शुक्ला की भारत वापसी पर उन्होंने कहा कि भारत के लोगों के लिए यह गर्व का पल है। वह स्पेस में एक मजबूत यात्रा कर लौट रहे हैं। सभी लोग उनके सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।

बिहार की कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि अपराध कहीं पर भी हो, कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर सियासत नहीं होनी चाहिए।

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