सोमवार को बातचीत के दौरान मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि घुसपैठियों को वैध मतदाता के तौर पर देखना या उनकी वैधता का समर्थन करना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि ये घुसपैठिए, चाहे वे बांग्लादेश, म्यांमार या कहीं और से आए हों, भारतीय नागरिकों, खासकर वैध मुस्लिम नागरिकों के आर्थिक और शैक्षिक अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
उन्होंने इंडी अलायंस पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे लगता है कि जो भी दल, चाहे वो तेजस्वी यादव की पार्टी हो, कांग्रेस पार्टी हो या कोई और दल, आज अवैध मतदाता बन चुके घुसपैठियों को नजरअंदाज करने की बात कर रहे हैं या अपनी वैधता साबित करने और दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, वो सही नहीं है।
आईआईएम कोलकाता में छात्रा के साथ बलात्कार मामले पर नकवी ने कहा कि कोई भी संस्थान केंद्र, राज्य, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय या निजी हो सकता है, लेकिन वहां के लोगों की सुरक्षा, संस्थान की सुरक्षा और वहां काम करने या पढ़ने वाले लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। अगर आप इसे छिपाने की कोशिश करेंगे तो यह ठीक नहीं है।
‘ऑपरेशन कालनेमि’ पर उन्होंने कहा कि पैसे, धोखे और धमकी के जरिए किसी भी तरह का धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं होना चाहिए, चाहे वो पैसे, धोखे या धमकी के जरिए हो, चाहे वो धोखाधड़ी से हो, जबरदस्ती हो या फिर वित्तपोषित हो। जो लोग इस धंधे में शामिल हैं, उन पर निश्चित रूप से कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है और उनके ख़िलाफ कार्रवाई ज़रूरी है।
आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के दस्तावेज़ सार्वजनिक होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर एक कलंक है। आपातकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए पापों, अपराधों और अपराधों को नज़रअंदाज या छिपाया नहीं जा सकता।
शुभांशु शुक्ला की भारत वापसी पर उन्होंने कहा कि भारत के लोगों के लिए यह गर्व का पल है। वह स्पेस में एक मजबूत यात्रा कर लौट रहे हैं। सभी लोग उनके सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
बिहार की कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि अपराध कहीं पर भी हो, कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर सियासत नहीं होनी चाहिए।
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