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Sunday, April 12, 2026
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जम्मू-कश्मीर: आज की बैठक जम्मू-कश्मीर का भविष्य तय करेगी  

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर पर आज यानि गुरुवार को बैठक होनी है। इस सर्वदलीय बैठक में जम्मू-कश्मीर से गुपकार समूह समेत 14 दल शामिल होंगे। बैठक का एजेंडा नहीं हैं। अनुमान है इस दौरान कश्मीर नेता नई पारी की शुरुआत बजाय पुराने मामले यानी धारा 370 को बहाल करने की मांग करेंगे। हालांकि, इस बैठक में धारा अनुच्छेद 370 के बाद नई सियासी पारी शुरू करने वालों को नहीं बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ नेता दिल्ली पहुंच गए हैं, कुछ आज पहुंचेंगे। सबसे अहम  बात यह कि आज की यह बैठक कश्मीर का भविष्य तय करेगी। जनता और उसके विकास की नींव को मजबूती देगा। एक तरह से यह सब कश्मीर के नेताओं के रवैये पर निर्भर करेगा।

बता दें कि इस बैठक में पीएम मोदी समेत कम से कम चार केंद्रीय मंत्री और जम्मू-कश्मीर से गुपकार समूह समेत 14 दल शामिल हो रहे हैं। हालांकि बैठक को लेकर किसी एजेंडे का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों पक्ष विपरीत एजेंडे के साथ बैठक में शामिल हो रहे हैं। संकेतों के मुताबिक, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) जैसे पुराने दल पूर्ण राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 370 की बहाली पर मुखर होंगे। वहीं केंद्र सरकार प्रदेश में चल रही परिसीमन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सभी दलों के समर्थन का दबाव बनाएगी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र परिसीमन के जरिए श्रीनगर पर जम्मू का राजनीतिक वर्चस्व कायम करना चाह रही है। केंद्र ने साफ कर दिया है कि राज्य में चुनावी प्रक्रिया परिसीमन पूरा होने के बाद ही शुरू होगी। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय बैठक की पहल कर यह संदेश दिया है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को लेकर गंभीर है और राज्य का दर्जा वापस बहाल करने के लिए जरूरी राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करना चाहती है। आमंत्रण की सूची में न तो पंच, सरपंच, ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी), डिस्ट्रिक डेवलपमेंट काउंसिल (डीडीसी) की प्रतिनिधि संस्थाएं हैं और न ही वे दल हैं जो 5 अगस्त 2019 के बाद से नई सियासी धारा कायम करने को लेकर काफी सक्रिय हैं। आमंत्रित किए गए दलों में मुख्य रूप से वही दल है जिनके नेताओं को केंद्र ने प्रदेश की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए लंबे समय तक नजरबंद रखा था।इस बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस से फारूक अब्दुल्ला-उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद, तारा चंद व जीए मीर, पीडीपी से महबूबा मुफ्ती, जे-के अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी, भाजपा से रविंदर रैना, निर्मल सिंह व कविंदर गुप्ता, माकपा से एमवाई तारिगामी, नेशनल पैंथर्स पार्टी के प्रोफेसर भीम सिंह, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद गनी लोन शामिल होंगे।

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