कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार (7 मार्च) को विधानसभा में बजट पेश किया है। प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए इस बजट पर भाजपा ने सवाल उठाए है। भाजपा नेताओं ने बताया है सिद्धारमैया सरकार ने पिछले बजट से किए वादों को इस साल तक पूरा नहीं किया है।
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “सरकार ने पूर्व बजट में जो वादे किए थे, वे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। वे गारंटी के अलावा किसी और योजना के बारे में बात नहीं करते हैं। कर्नाटक में जीरो डेवलपमेंट है और उसके बावजूद आज सीएम ने नया बजट पेश किया है। सरकार ने पिछले दो बजट में भी कई वादे पेश किए थे और अब वे डायवर्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।”
भाजपा विधायक महेश तेंगिनाकाई ने कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इससे पहले भी दो बार बजट पेश किया था, लेकिन इसमें विकास से संबंधित कार्यों के लिए पैसा नहीं था। मेरी विधानसभा के लोग पूछ रहे हैं कि विकास के काम क्यों नहीं हो रहे हैं। इस संबंध में हमने मुख्यमंत्री से भी बात की थी। मगर उनकी तरफ से सिर्फ आश्वासन ही मिला। इस बजट में भी जनता के लिए कुछ नहीं है।”
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भाजपा विधायक प्रभु चौहान ने कहा, “इस बजट में कुछ नहीं है, यह पूरी तरह खाली है। यह लोगों को गुमराह करने वाला बजट है, इसलिए हम विरोध कर रहे हैं। विपक्ष में होने के नाते हम जनता के मुद्दों को उठाएंगे। मैं सिर्फ यही कहूंगा कि कांग्रेस सरकार कोई काम नहीं कर रही है। यह एक धोखे वाली सरकार है।”
बता दें कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज कर्नाटक विधानसभा में बजट पेश किया। उन्होंने अल्पसंख्यक परिवारों को कम लागत वाली शादियों के लिए 50,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा जैन पुजारियों, सिखों के मुख्य ग्रंथियों और मस्जिदों के पेश-इमामों का मानदेय बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति माह करने का भी निर्णय लिया है।



