कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे पर देश की आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और दलित पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जानबूझकर अपमान करने का आरोप लगाया। भाजपा ने इसे दलित और आदिवासी समुदाय का अपमान बताते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
भाटिया ने कहा, “क्या यह वही कांग्रेस है जो खुद को संविधान की रक्षक बताती है? हाथ में संविधान की प्रति लेकर नारे लगाने वाली पार्टी के नेता देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने कांग्रेस पर जातिवादी और संकीर्ण सोच रखने का आरोप लगाया और कहा कि खड़गे का बयान कांग्रेस की गिरी हुई राजनीतिक मानसिकता को दर्शाता है।
प्रवक्ता ने राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लिया और सवाल उठाया कि कांग्रेस में इतनी नफरत और कटुता क्यों भरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि दशकों तक सत्ता में रहकर कांग्रेस ने वंचित वर्गों की उपेक्षा की है। साथ ही कांग्रेस परिवार पर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए रॉबर्ट वाड्रा का उदाहरण दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक भाषण ने राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। रायपुर के साइंस ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को “मुरमा जी” और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को “कोविड” कहकर संबोधित किया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
खड़गे ने राष्ट्रपति का नाम तुरंत सुधारकर “मुर्मू” कहा, लेकिन कुछ सेकंड बाद जब उन्होंने कोविंद का नाम लिया, तो वह उसे “कोविड” कह बैठे। यह बयान उस वक्त आया जब वे छत्तीसगढ़ में जंगलों की कटाई और कथित जमीन कब्जा मामले पर भाजपा और औद्योगिक घरानों पर निशाना साध रहे थे।
खड़गे ने कहा, “हमारे जल, जंगल और जमीन की रक्षा जरूरी है। इसलिए एकजुट होना जरूरी है… ये (भाजपा) कहते हैं हमने (द्रौपदी) मुरमा राष्ट्रपति बनाई, (रामनाथ) कोविड राष्ट्रपति बनाए, लेकिन क्यों? ताकि हमारे संसाधनों को लूटा जा सके, हमारी जमीन, जंगल और जल को छीना जा सके। आज अदानी-अंबा नी जैसे लोग उस पर कब्जा कर रहे हैं।”
Kharge ji's venomous and diabolical attack on Presidents Murmu ji and Kovind ji exposes the dangerous deep rooted Dalit Virodhi mindset of the Congress party. For the Congress party not Dalit welfare but only Dynastic welfare has always been top priority.
Right from denying Dr.… pic.twitter.com/husj6YSkVz— C.R.Kesavan (@crkesavan) July 8, 2025
भाटिया ने कहा कि जब एक गरीब, मेहनतकश आदिवासी महिला देश की राष्ट्रपति बनती है, तो कांग्रेस को यह बर्दाश्त नहीं होता। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को न सिर्फ व्यक्तिगत टिप्पणी बल्कि राष्ट्रपति पद की गरिमा पर हमला बताया और कहा कि यह संविधान की आत्मा पर चोट है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि देश की जनता अब ऐसे “घृणास्पद विचारों” को स्वीकार नहीं करेगी और कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
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