भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक अतुल भातखलकर ने मंगलवार (8 जुलाई) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर आदिवासी महिला और देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस से तत्काल माफी की मांग करते हुए पार्टी को महिला और आदिवासी विरोधी मानसिकता वाली पार्टी करार दिया।
मीडिया से बातचीत में भातखलकर ने कहा, “कांग्रेस पार्टी कभी यह पचा नहीं पाई कि नरेंद्र मोदी सरकार ने एक आदिवासी समुदाय की महिला को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद — राष्ट्रपति — पर नियुक्त किया। कांग्रेस हमेशा आदिवासियों और महिलाओं को केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करती रही है।”
भातखलकर ने आरोप लगाया कि जब द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया गया था उस समय भी कांग्रेस नेताओं ने आपत्तिजनक बयान दिए थे और अब मल्लिकार्जुन खड़गे भी वही रवैया दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह व्यवहार आदिवासी समाज और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।
भाजपा विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि “आज देश में आम नागरिक सुरक्षित हैं। कांग्रेस सरकार के समय बम धमाके आम बात थी। अब नक्सलवाद पर भी लगभग नियंत्रण पा लिया गया है।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर भाजपा सरकार ने बेहतर काम किया है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा वक्फ संशोधन कानून को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भातखलकर ने कहा कि मसूद को यह समझना चाहिए कि यह कानून लोकसभा जैसे लोकतांत्रिक मंच पर पारित हुआ है, न कि कांग्रेस की किसी बैठक में, जिसे मनमर्जी से बदला या रद्द किया जा सके।
भातखलकर ने हालांकि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के महाराष्ट्र और मराठी समाज को लेकर दिए गए बयान से असहमति जताते हुए कहा कि यह भाजपा की सोच नहीं है और सरकार ने भी इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख पेश कर दिया है।
भाजपा विधायक के बयानों से साफ है कि खड़गे की टिप्पणी को लेकर पार्टी आक्रामक रुख अपनाए हुए है और इसे आदिवासी सम्मान से जोड़कर देख रही है। माफी की मांग के साथ भाजपा ने कांग्रेस पर दलित और महिला विरोधी रवैये का आरोप फिर दोहराया है।
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