समृद्धि हाईवे का दूसरा चरण होगा शुरू, सीधे हो सकेगा 600 किमी का सफर!
इसे दिसंबर के महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। इस 701 किमी नागपुर से मुंबई राजमार्ग के नागपुर से शिर्डी खंड को सार्वजनिक यातायात के लिए खोल दिया गया था। अब दूसरे चरण को यातायात के लिए खोला जा रहा है। इससे समृद्धि हाईवे के जरिए 600 किलोमीटर का सीधा सफर किया जा सकता है।
Team News Danka
Updated: Tue 23rd May 2023, 05:33 PM
The second phase of Samriddhi Highway will start, it will be possible to travel 600 km directly!
राज्य की राजधानी मुंबई और उप-राजधानी नागपुर को जोड़ने वाले समृद्धि राजमार्ग के पहले चरण के उद्घाटन के छह महीने हो चुके हैं। इसे दिसंबर के महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। इस 701 किमी नागपुर से मुंबई राजमार्ग के नागपुर से शिर्डी खंड को सार्वजनिक यातायात के लिए खोल दिया गया था। अब दूसरे चरण को यातायात के लिए खोला जा रहा है। इससे समृद्धि हाईवे के जरिए 600 किलोमीटर का सीधा सफर किया जा सकता है।
कब होगा दूसरा चरण: हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि राजमार्ग के दूसरे चरण का उद्घाटन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे। शिरडी में 26 मई को शाम को समर्पण समारोह होगा। मुख्यमंत्री शिरडी से भरवीर तक 80 किमी लंबे हाईवे का उद्घाटन करेंगे। इससे नागपुर से भरवीर तक की 600 किमी की यात्रा समृद्धि हाईवे पर की जा सकेगी।
14 जिलों को जोड़ने वाला : यह 14 जिलों को जोड़ने वाला 701 किलोमीटर लंबा राजमार्ग है।इस हाईवे के लिए 55 हजार करोड़ का भारी भरकम बजट है। इस हाईवे को 7 सितंबर 2016 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में अधिसूचित किया गया था। नागपुर से मुंबई का समृद्धि हाईवे भारत का पहला और दुनिया का तीसरा सबसे लंबा हाईवे है। 710 किमी की कुल लंबाई वाली इस सड़क के पूरा होने के बाद नागपुर से मुंबई तक की पूरी दूरी महज 6 घंटे में पहुंचना संभव हो जाएगा। इस हाईवे पर 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ सकते हैं।
हाईवे पर 11 लाख से ज्यादा पौधे रोपे जाएंगे। हरियाली और पर्यावरण का संतुलन बना रहेगा। नागपुर देश का सेंट्रल हब है। दूध, सब्जियां और अन्य उत्पाद मुंबई कैसे जाएंगे। इस हाईवे से विदर्भ के किसानों के लिए मुंबई का बाजार खुल जाएगा।
हाईवे के आसपास 18 कृषि केंद्र हाईवे के आसपास 18 कृषि केंद्र होंगे। सूखाग्रस्त क्षेत्र में 1000 फार्म स्थापित किए जाएंगे। राजमार्ग पर 33 बड़े पुल, 274 छोटे पुल, 65 फ्लाईओवर, 8 रेलवे पुल हैं। इसके अलावा 6 सुरंगें, हल्के वाहनों के लिए 189 सुरंगें, जानवरों और पैदल चलने वालों के लिए 209 सुरंगें होंगी।