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ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र, SIR को तत्काल रोकने की मांग!

कई BLOs दबाव और दंडात्मक कार्रवाई के डर में गलत या अधूरी प्रविष्टियाँ करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने और वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता प्रभावित होने का खतरा है।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा ढांचे, समयसीमा और कार्यप्रणाली पूरी तरह अव्यवस्थित हैं और इससे बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर असहनीय दबाव पड़ रहा है, जिसके कारण मतदाता सूची की शुद्धता पर गंभीर खतरा बन गया है।

ममता बनर्जी ने अपने पत्र में लिखा कि “कई BLOs दबाव और दंडात्मक कार्रवाई के डर में गलत या अधूरी प्रविष्टियाँ करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने और वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता प्रभावित होने का खतरा है।” मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को अनियोजित, असमंजस भरी और खतरनाक बताते हुए कहा कि “प्रशिक्षण की कमी, दस्तावेज़ी नियमों की अस्पष्टता और रोज़मर्रा की रोज़ी-रोटी में व्यस्त नागरिकों तक पहुँचने की असंभवता ने पूरे सिस्टम को पंगु बना दिया है।”

उन्होंने CEO कार्यालय पर BLOs को धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि सहायता देने या समयसीमा बढ़ाने के बजाय अधिकारियों को बिना उचित कारण नोटिस भेजे जा रहे हैं। पत्र में लिखा गया कि “ऑनलाइन फ़ॉर्म भरने में बाधाएं, सर्वर फेल होना और डेटा मिलान की समस्याएं BLOs के लिए हालात असहनीय बना रही हैं। अधिकांश BLOs शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी या अन्य दायित्वों में व्यस्त होने के बावजूद दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।” ममता के अनुसार “यह हमारे लोकतंत्र की बुनियाद पर सीधा आघात है।”

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि मौजूदा गति से 4 दिसंबर तक कई विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची का डेटा सही तरीके से अपलोड होना लगभग असंभव है। उन्होंने यह भी लिखा कि इस अव्यवस्थित प्रक्रिया की मानव कीमत अब असहनीय हो चुकी है। ममता ने जलपाईगुड़ी के माल क्षेत्र में एक आंगनवाड़ी कर्मी की आत्महत्या का उल्लेख किया, जो BLO के रूप में तैनात थी और कथित तौर पर SIR के अत्यधिक दबाव में थी। उन्होंने कहा कि “पहले जो संशोधन प्रक्रिया तीन साल में पूरी होती थी, इसे अब तीन महीने में ठेला जा रहा है, जिससे कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है।”

उन्होंने आयोग से अपील की कि वह तत्काल दखल देकर SIR प्रक्रिया को रोके, बलपूर्वक उपाय को बंद करे और BLOs को पर्याप्त प्रशिक्षण व समर्थन दे। ममता ने लिखा कि यदि यह गलत रास्ता तुरंत नहीं बदला गया, तो इसके परिणाम अप्रत्याशित और अपूरणीय होंगे।

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