मॉरीशस ने चागोस द्वीपसमूह को लेकर बढ़ते विवाद में मालदीव के साथ अपने सभी राजनयिक संबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। यह निर्णय शुक्रवार (27 फरवरी)को कैबिनेट बैठक के बाद लिया गया। इसकी जानकारी मॉरीशस के विदेश, क्षेत्रीय एकीकरण और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में दी।
मॉरीशस ने कहा कि उसने मालदीव सरकार की हालिया स्थिति पर संज्ञान लिया है, जिसमें माले ने चागोस द्वीपसमूह पर मॉरीशस की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, मालदीव ने मॉरीशस और ब्रिटेन के बीच द्वीपों को लेकर हुए समझौते पर भी आपत्ति जताई है। मॉरीशस के बयान में कहा गया कि यह कदम उसके राष्ट्रीय हितों की रक्षा और संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून, क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के सिद्धांतों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह विवाद मई 2025 में मॉरीशस और ब्रिटेन के बीच हुए समझौते के बाद तेज हुआ, जिसके तहत ब्रिटेन ने चागोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को हस्तांतरित करने पर सहमति दी। बदले में ब्रिटेन को रणनीतिक महत्व वाले डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे के लिए दीर्घकालिक पट्टा मिला, जिसे वह अमेरिका के साथ संयुक्त रूप से संचालित करता है।
इस समझौते से पहले वर्षों तक कानूनी और कूटनीतिक दबाव बना रहा। 2019 में इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने परामर्शात्मक राय में कहा था कि इस क्षेत्र पर ब्रिटेन का प्रशासन अवैध है। इसके बाद समुद्री सीमाओं को लेकर भी कई निर्णय आए।
मॉरीशस का दावा है कि चागोस द्वीपसमूह 1965 में उससे अलग किया गया था, जब 1968 में स्वतंत्रता से पहले ब्रिटेन ने इसे अलग कर ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी का गठन किया। डिएगो गार्सिया की सामरिक स्थिति के कारण यह क्षेत्र हिंद महासागर में अमेरिका-ब्रिटेन के लिए महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र बना रहा है।
दूसरी ओर, मालदीव के राष्ट्रपति मोहमद मुइज़्ज़ु ने इस महीने संसद में कहा था कि उन्होंने ब्रिटेन सरकार को पत्र भेजकर चागोस को मॉरीशस को सौंपने पर आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में आता है।
हिंद महासागर में स्थित दोनों द्वीपीय राष्ट्रों के बीच यह कूटनीतिक टकराव अब क्षेत्रीय भू-राजनीति का नया केंद्र बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और गहराई पकड़ सकता है।
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