महबूबा मुफ्ती ने एक्स पोस्ट में कहा, “किश्तवाड़ के छत्रु में एक स्कूली छात्रा के साथ रेप और उसकी हत्या की घटना महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का कोई आम मामला नहीं है। यह हमारे समाज की अंतरात्मा पर एक गहरा और नासूर बन चुका घाव है। दस दिन बीत जाने के बाद भी, इस बर्बर अपराध पर छाई खामोशी पीड़ित परिवार के दुख को और बढ़ा रही है और न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा कम कर रही है।”
महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा, “अगर अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं दी गई, तो ऐसे घिनौने अपराध बिना किसी डर के होते रहेंगे। मैं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह करती हूं कि वे इस मामले को तुरंत क्राइम ब्रांच को सौंप दें ताकि इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समय-सीमा के भीतर जांच हो सके।”
वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। किश्तवाड़ के एसएसपी नरेश सिंह ने बताया कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए लोगों में एक सरकारी स्कूल का टीचर शामिल है, जिस पर बार-बार यौन शोषण का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि टीचर ने कई महीनों तक नाबालिग का बार-बार रेप किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। छत्रू इलाके में गर्भपात की कोशिश के बाद 20 अगस्त को नाबालिग लड़की की मौत हो गई। छत्रू पुलिस को 20 अगस्त को लड़की की संदिग्ध हालात में मौत की जानकारी मिली। शुरू में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की।
एसएसपी ने कहा, जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए जिनसे गंभीर अपराध होने का पता चला। इसके बाद इस मामले को छत्रू पुलिस स्टेशन में एफआईआर में बदल दिया गया। एसएसपी ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि टीचर ने अपने भाई के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और गर्भ गिराने के लिए दवाएं दी।
