पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून को लेकर फैले तनाव और हिंसक घटनाओं के बीच अब वरिष्ठ बॉलीवुड अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने न केवल वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की, बल्कि ममता सरकार की मंशा और संवैधानिक जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मिथुन चक्रवर्ती ने साफ कहा है, “एक ऐसा कानून जो भारत की संसद में पारित हो चुका है, उसे लागू न करने का अधिकार ममता बनर्जी को किसने दिया? वे केवल एक मुख्यमंत्री हैं, संविधान से ऊपर नहीं। ममता बनर्जी क्या संविधान से बड़ी हो गई हैं? उन्हें यह अधिकार किसने दिया?”
वक्फ कानून को लेकर राज्य में भड़की हिंसा में हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने मिथुन चक्रवर्ती को बेहद आक्रोशित कर दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अब बंगाल के हिंदुओं के लिए “एक खतरा” बन गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि “बंगाल के हिंदू अब तृणमूल कांग्रेस को वोट नहीं देंगे, क्योंकि वे भय और चिंता में जी रहे हैं।”
इंडिया टुडे को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में मिथुन चक्रवर्ती ने ममता बनर्जी पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह भारतीय जनता पार्टी नहीं, बल्कि ममता बनर्जी हैं जो समुदायों के बीच फूट डालने का काम कर रही हैं। बंगाली हिंदू अब बेघर हो चुके हैं और राहत शिविरों में खिचड़ी खा रहे हैं। उनका दोष क्या है?”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद की हिंसा को लेकर पहले ही दावा किया था कि यह एक पूर्व-नियोजित घटना थी और इसके पीछे बीएसएफ, केंद्रीय एजेंसियां और भाजपा शामिल हैं। लेकिन मिथुन चक्रवर्ती ने ममता के इस बयान को “दिशाभ्रमित करने वाला” बताया और कहा कि ममता जानबूझकर मुस्लिम समुदाय को भ्रमित कर रही हैं।
राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी मिथुन चक्रवर्ती ने बड़ा बयान देते हुए कहा, “बंगाल में चुनाव लष्करी आणीबाणी (मिलिट्री इमर्जेंसी) में कराए जाएं। मतगणना तक और उससे पहले एक महीने के लिए राज्य को सेना के नियंत्रण में रखा जाए।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य पुलिस केवल “दंगों के दौरान तमाशा देखने आती है”, न कि सुरक्षा देने।
मिथुन के इन तीखे तेवरों के बाद बंगाल की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। ममता बनर्जी पर पहले से ही विपक्षी दलों की तीखी आलोचना हो रही थी, लेकिन अब मिथुन चक्रवर्ती जैसे लोकप्रिय चेहरा और भाजपा नेता के तीखे सवालों ने तृणमूल सरकार की जवाबदेही पर गहरी चोट की है।
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