प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (9नवंबर) को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक विस्तृत लेख साझा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर भारत अब केवल देश की सीमा या दूर का भू-भाग नहीं, बल्कि भारत का “Forward Face” और दक्षिण-पूर्व एशिया का प्राकृतिक प्रवेश द्वार बन चुका है। यह लेख एक राष्ट्रीय दैनिक में प्रकाशित हुआ है, जिसमें सिंधिया ने हाल ही में मेघालय और असम के अपने दौरे के अनुभवों का उल्लेख किया है।
पीएमओ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “इस प्रेरक लेख में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘अष्टलक्ष्मी’ पूर्वोत्तर की अद्भुत सुंदरता और वहां के लोगों के अटूट मनोबल का वर्णन किया है। वे बताते हैं कि कैसे यह क्षेत्र अब भारत का ‘फॉरवर्ड फेस’ बन रहा है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर भारत का प्राकृतिक द्वार है।”
In this insightful article, Union Minister Shri @JM_Scindia shares his experience of visiting the North East, describing its beauty and the indomitable spirit of its people.
Highlighting the North East as ‘Ashtalakshmi’, the Minister explains how it is becoming India’s natural… https://t.co/cobnqPl4qU
— PMO India (@PMOIndia) November 9, 2025
सिंधिया ने अपने लेख में लिखा कि हाल की यात्रा में उन्होंने मेघालय और असम में प्रकृति को उसके सबसे वास्तविक स्वरूप में देखा। साथ ही, स्थानीय समुदायों की जीवन-शैली, उनकी सांस्कृतिक विविधता और परंपरागत ज्ञान ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने लिखा, “पूर्वोत्तर भारत परंपरा में जड़ें जमाए हुए है, लेकिन आज नवाचार की ऊर्जा से संचालित है और अपने लोगों की दृढ़ता से मजबूत हो रहा है।”
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में हवाई संपर्क, हाईवे, ब्रॉडबैंड, स्टार्टअप इकोसिस्टम, पर्यटन परियोजनाओं और शिक्षा व विज्ञान संस्थानों के विस्तार ने इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि और लगातार नीति-ध्यान का परिणाम है।
अपने दौरे में सिंधिया ने अपर शिलांग में मशरूम डेवलपमेंट सेंटर का निरीक्षण किया, जिसे उन्होंने “चुपचाप चल रहा ग्रामीण जीवन परिवर्तन अभियान” बताया। सोहरा (चेरापूंजी) में ₹233 करोड़ की इंटीग्रेटेड सोहरा टूरिज्म सर्किट परियोजना की आधारशिला रखी। आईआईटी गुवाहाटी में North Eastern Science and Technology (NEST) क्लस्टर का उद्घाटन किया। असम में कई विकास परियोजनाओं के ₹635 करोड़ के कार्यों की नींव रखी। सिंधिया ने लिखा, “पूर्वोत्तर भारत अब केवल भौगोलिक सीमा नहीं है, यह भारत की सामूहिक प्रगति और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का जीवंत प्रतीक बन चुका है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और अंतर-क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को यह दिशा रणनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर निर्णायक बनाती है।
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