बिहार की राजनीति में शुक्रवार (6 फरवरी) रात भारी उथल-पुथल हुई। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 1995 के एक जालसाजी और धोखाधड़ी के पुराने मामले में अदालत के आदेश के बाद की गई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सांसद द्वारा बार-बार अदालत में पेश न होने के चलते की गई।
पटना के मंदिरी स्थित आवास पर शुक्रवार (6 फरवरी) रात करीब 10:30 बजे लगभग 50 पुलिसकर्मियों की टीम पहुंची। पुलिस ने सांसद को बताया कि वे अदालत के आदेश के तहत संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारी की कार्रवाई करने आए हैं। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस के पहुंचते ही पप्पू यादव ने रात में जाने से इनकार कर दिया और पुलिस से सुबह आने को कहा। इस बीच उनके समर्थक बड़ी संख्या में घर के बाहर इकट्ठा हो गए। समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वारंट दिखाने की मांग करने लगे। पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी बहस भी हुई।
#WATCH | Bihar: Police arrive at the residence of Independent MP Pappu Yadav in Patna, to arrest him in connection with an old case. pic.twitter.com/2YsQdOXVoL
— ANI (@ANI) February 6, 2026
इस दौरान पप्पू यादव ने प्रशासन पर निशाना साधने और साजिश रचने का आरोप लगाया। पप्पू यादव ने दावा किया कि अदालत ने उन्हें शनिवार (7 फरवरी )को पेश होने को कहा था और वे कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने को तैयार थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिस इंस्पेक्टर दीपक सिविल ड्रेस में रिवॉल्वर लेकर मौके पर पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने विरोध के बावजूद रात करीब 12:15 बजे सांसद को गिरफ्तार कर लिया।
मेडिकल जांच और पुलिस हिरासत
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को रात करीब 12:30 बजे IGIMS अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप कराया गया। इसके बाद उन्हें गर्दनीबाग थाना में पुलिस हिरासत में रखा गया। सिटी एसपी भानु प्रताप ने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह अदालत के निर्देशों के अनुसार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि गिरफ्तारी वारंट या कुर्की आदेश जारी हो, तो पुलिस को किसी भी समय गिरफ्तारी करने का कानूनी अधिकार होता है।
पुलिस अधिकारियों ने साजिश के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल कानून के तहत अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सांसद को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार होगी।
MP-MLA विशेष अदालत ने इससे पहले इस मामले में पप्पू यादव सहित तीन आरोपियों के खिलाफ कुर्की आदेश जारी किया था। गिरफ्तारी वारंट और सार्वजनिक नोटिस के बावजूद आरोपियों की पेशी सुनिश्चित नहीं हो सकी थी। इस मामले की अगली सुनवाई शनिवार को निर्धारित है।
क्या है 1995 का मामला
यह मामला 1995 का है और पटना के गर्दनीबाग इलाके में स्थित एक मकान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल के अनुसार, पप्पू यादव ने कथित तौर पर उन्हें गुमराह कर मकान किराए पर लिया और बाद में बिना जानकारी दिए उसे सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया। जब मकान मालिक को इसकी जानकारी हुई, तो विवाद बढ़ा और मामला थाने तक पहुंचा।
यह केस गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 552/1995 के रूप में दर्ज है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, घर में अवैध प्रवेश, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल हैं। मामला लंबे समय से अदालत में लंबित है और अब सांसद की गिरफ्तारी के साथ एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
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