केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर के बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कोझिकोड में प्रेस मीट के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में मुस्लिम प्रतिनिधित्व न होने का कारण यह है कि भाजपा के पास कोई मुस्लिम सांसद नहीं है। उनके अनुसार, यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि मुस्लिम समुदाय भाजपा को वोट नहीं देता।
चंद्रशेखर ने स्पष्ट कहा, “मुस्लिम हमें वोट नहीं दे रहे हैं। समुदाय हमारा समर्थन नहीं कर रहा, तो हम क्या कर सकते हैं? जब कोई मुस्लिम सांसद नहीं है तो मंत्री कैसे बनेगा?” उनके इस बयान ने विपक्षी दलों और सोशल मीडिया में प्रतिक्रियाएं आने लगी है। उन्होंने इस मुद्दे को एक “चिकन-एंड-एग” समस्या बताते हुए कहा कि राजनीतिक भरोसे की शुरुआत कहाँ से होनी चाहिए, यह तय करना मुश्किल है।
उन्होंने याद दिलाया कि पहले भाजपा और एनडीए में मुस्लिम चेहरे रहे हैं,जैसे शहनवाज़ हुसैन और मुख्तार अब्बास नक़वी, और यह भी रेखांकित किया कि पार्टी के पास अभी भी कश्मीर से मुस्लिम प्रतिनिधि मौजूद हैं। चंद्रशेखर ने कहा, “वह भरोसा नहीं रहा है। उसका कारण क्या है? वह हमने नहीं किया। हमने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है।”
अपने वक्तव्य में उन्होंने यह भी पूछा कि मुस्लिम समुदाय कांग्रेस को क्यों वोट देता है और क्या इससे समुदाय को कोई ठोस लाभ मिलता है। उन्होंने कहा, “अगर मैं पूछूँ कि मुसलमान हमें वोट क्यों नहीं देते? कांग्रेस को क्यों देते हैं? कांग्रेस को वोट देने से क्या फायदा?”
चंद्रशेखर ने दोहराया कि भाजपा मुस्लिम मंत्री तभी बना सकती है जब पार्टी के पास मुस्लिम सांसद हों। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में मुस्लिम मंत्री न होना किसी नीति का हिस्सा नहीं, बल्कि चुनावी वास्तविकता का परिणाम है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण भारत में भाजपा अपने समर्थन आधार को बढ़ाने की कोशिश कर रही है, और यह टिप्पणी आगामी राजनीतिक विमर्श को और तेज कर सकती है।
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