राजद सांसद मनोज झा ने आईएएनएस से कहा, “पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना मतगणना के दिन ही स्पष्ट हो चुका था। दिलचस्प है कि सुवेंदु अधिकारी 6 साल से भाजपा में हैं। उससे पहले वे कांग्रेस और टीएमसी में भी रहे। उनके पास काफी राजनीतिक अनुभव है। उन्हें शुभकामनाएं देने के साथ उम्मीद है कि पहली प्राथमिकता राज्य में हिंसा की घटनाओं को रोकना होनी चाहिए।”
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “केंद्रीय बलों का इस्तेमाल करके पश्चिम बंगाल में चुनाव कराए गए। यहां तक कि बूथ एजेंटों को भी बाहर कर दिया गया था। इसलिए पश्चिम बंगाल के चुनाव को बिल्कुल भी निष्पक्ष नहीं माना जा सकता है।”
बता दें कि सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा-शासित सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। उनके साथ 5 मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री के रूप में चुना। शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर उनके नाम की घोषणा की गई। शनिवार को कोलकाता में आयोजित समारोह में सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे।
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