पटना में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि जिन लोगों ने मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं, मैं केवल इतना कहूंगा कि मैं लगातार उन विधायकों से संपर्क में रहा। मैंने कई बार उन्हें फोन किया।
हम कांग्रेस पार्टी के वफादार सिपाही हैं, जमीन पर भी रहे हैं और आज पार्टी के महत्वपूर्ण पद पर हैं। इस पद पर रहते हुए मैं पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं कर सकता। पहले प्रकरण में तो अशोक चौधरी ने हमें एमएलसी और मंत्री बनाने का प्रलोभन दिया। फ्लैट ऑफर किया। हम उस समय लात मारकर भाग गए। भाजपा के द्वारा मुझे घेरने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वोट देना आपका अधिकार है। पार्टी का निर्देश है कि हम इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन करें और उनके पक्ष में बात करें। आप वोटर हैं। पार्टी की प्रतिष्ठा बढ़ाने में आपकी भूमिका होगी। आप सभी चीज में खुद निर्णय लेते हो और अब हम पर दोष मढ़ रहे हो। आपको मैं 14 तारीख की रात से कॉल कर रहा था, यदि यही बात थी तो बता देते। आप फोन क्यों नहीं उठा रहे थे।
राजेश राम ने कहा कि देखिए, यह फैसला हमारे केंद्रीय नेतृत्व और आरजेडी के बीच होता है। हम फॉलोअर्स हैं। उस फैसले को मानना और उसे लागू कराना हमारी जिम्मेदारी है। यह अलग बात है कि हमारे तीन विधायक नहीं आए, तो यह सेटबैक आया है। इस जिम्मेदारी से कोई मुंह नहीं चुरा सकता।
उन्होंने कहा कि पार्टी विधायकों पर तो एक्शन लेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। यह भी समझने वाली बात है कि जो लोग साथ रहे हैं, उनकी अंतरात्मा क्या कहती है। इस दुनिया में ऐसा भी होता है, यह सोचकर कर मैं आश्चर्यचकित हूं कि अपनी गलती को छुपाने के लिए किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना बेहद दुखद है। इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत की जाएगी और सभी तथ्यों को सामने रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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