साथ ही उन्हें अपराध पर लगाम लगाने के गुर सिखा रही है। यह न केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, बल्कि एक आंदोलन है, एक ऐसा आंदोलन जो युवाओं को सशक्त बनाकर समाज को साइबर सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीक के माध्यम से कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
अमरोहा एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले में ‘साइबर सुरक्षा इंटर्नशिप कार्यक्रम-2025’ का आयोजन किया जा रहा है, जो 30 जून तक चलेगा। कार्यक्रम में छात्रों को साइबर अपराध पर लगाम लगाने के गुर सिखाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं उन्हें लोगों को जागरूक करने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षु को अपने घर और स्कूलों में जागरूकता फैलानी है। अमरोहा पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग का एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रही है, जो यह दिखाता है कि पुलिस और समाज साथ मिलकर कार्य करें, तो डिजिटल युग की चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटा जा सकता है।
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सरकार ने बीते वर्षों में साइबर अपराधों को नियंत्रित करने के लिए विशेष साइबर थाना, साइबर हेल्पलाइन, डिजिटल फ्रॉड ट्रैकिंग सिस्टम और साइबर जागरूकता अभियान जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
इंटर्नशिप कार्यक्रम पूरी तरह नि:शुल्क है। इसके सभी सत्र ऑफलाइन आयोजित किए जा रहे हैं ताकि प्रतिभागियों में अनुशासन और संवाद कौशल को विकसित किया जा सके। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा साइबर लॉ, डिजिटल फॉरेंसिक्स, एथिकल हैकिंग, ओएसआईएनटी, डार्क वेब, मोबाइल फॉरेंसिक्स आदि विषयों पर गहन जानकारी दी जा रही है।



