बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और राहुल गांधी के कथित वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ विपक्षी इंडि (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन के सांसदों ने सोमवार (11 अगस्त)को संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला। इस मेगा मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और अन्य दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए है, जिनके साथ तमाम विपक्षी सांसद इस मेगा मार्च में शामिल है।
मार्च के दौरान सांसदों ने सिर पर सफेद टोपी पहन है, जिस पर ‘SIR’ और ‘वोट चोरी’ लिखा है, साथ ही लाल रंग के क्रॉस का निशान भी बने हुए है। दिल्ली पुलिस द्वारा रोके जाने पर अखिलेश यादव बैरिकेड फांदकर आगे बढ़ने की कोशीश की, जिसे पुलिस ने असफल कर दिया। जबकि प्रियंका गांधी ने तालियां बजाकर विपक्षी सांसदों में जोश भरने का काम करते दिखी। कई सांसदों ने पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़कर मार्च जारी रखा। जबकी राहुल गांधी और अखिलेश यादव को धरना धरकर बैठ गए। जिस पर कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा डिंपल यादव, सुप्रिया सुले जैसे वरिष्ठ नेताओं को डिटेन भी किया गया।
दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ एनएसजी, एसपीजी और स्पेशल सिक्योरिटी टीमों की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 7,500 जवान, 800 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, एंटी-ड्रोन सिस्टम, छतों पर स्नाइपर्स और मेडिकल व फायर सर्विस टीमें भी मौजूद रहीं। पुलिस ने जनता से अफ़वाहों से बचने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की।
मार्च में ‘इंडिया’ ब्लॉक के 25 दलों के करीब 300 सांसद शामिल हुए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “ये वोटों की लूट है। जाति और धर्म के आधार पर अफसर तैनात किए गए थे। चुनाव आयोग पर कई बार सवाल उठे हैं और सपा के वोटों की लूट हुई थी।” मार्च से पहले दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस प्रदर्शन के लिए किसी ने अनुमति नहीं मांगी थी, जिसके चलते सुरक्षा और निगरानी के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए।
यह भी पढ़ें:
‘जो दादागिरी कर रहे हैं, उनके पास पैसा और तकनीक है’
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को दोहराया अल्टीमेटम, “अब भी समय है शपथपत्र दो!”



