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Wednesday, February 25, 2026
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ओवैसी की राजनीति बांटो और राज करो की नीति पर आधारित : पूनम महाजन!

यह केवल मुसलमानों के हितों की बात करती है, देश और समग्र समाज के हितों की नहीं। ओवैसी हर मुद्दे को हिंदू-मुसलमान के चश्मे से देखते हैं।

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भाजपा नेता पूनम महाजन ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने हिजाब पहनने वाली महिला के मेयर बनने की बात कही थी। उन्‍होंने कहा कि ओवैसी की राजनीति पूरी तरह “बांटो और राज करो” की नीति पर आधारित है।

आईएएनएस से बातचीत में पूनम महाजन ने कहा कि ओवैसी भाषण देने में बेहद तेज और अनुभवी हैं, लेकिन वह अपने अनुभव का इस्तेमाल सकारात्मक राजनीति में नहीं करते। एआईएमआईएम, कांग्रेस की ही एक शाखा की तरह काम करती है। यह केवल मुसलमानों के हितों की बात करती है, देश और समग्र समाज के हितों की नहीं। ओवैसी हर मुद्दे को हिंदू-मुसलमान के चश्मे से देखते हैं।

पूनम महाजन ने तंज कसते हुए कहा कि ओवैसी कभी मुंबईकरों की बुनियादी समस्याओं जैसे पानी की कमी या पाइपलाइन से जुड़े सवालों पर बात नहीं करेंगे। पानी की पाइपलाइन अगर जाती है तो क्या वह सिर्फ हिंदुओं के लिए होती है, मुसलमानों को नहीं मिलती?

भाजपा नेता ने स्पष्ट कहा कि वह एआईएमआईएम को राजनीतिक रूप से गिनती में भी नहीं मानतीं। भाजपा के आधे से ज्यादा कॉरपोरेटर मराठी हैं और पार्टी के पास मुंबई के विकास को लेकर स्पष्ट और ठोस योजना है, जबकि एआईएमआईएम के पास विकास का कोई रोडमैप नहीं है। पूनम महाजन ने दोहराया कि मुंबई का मेयर भूमि पुत्र, मराठी मानुष और हिंदू ही बनेगा या बनेगी।

मराठी मानुष के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनम महाजन ने कहा कि वह महाराष्ट्र में पली-बढ़ी हैं, मराठी में सोचती हैं और मुंबई को गहराई से समझती हैं। मराठी भाषा की जड़ घर से शुरू होनी चाहिए, क्योंकि यह हमारी मातृभाषा है। मातृभाषा के नाम पर केवल राजनीति करना और जमीनी स्तर पर कोई काम न करना सही नहीं है।

उन्होंने याद दिलाया कि मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया है। भले ही प्रधानमंत्री मराठी नहीं हैं, लेकिन वह मराठी भाषा के महत्व और उसकी प्राचीनता को भली-भांति समझते हैं।

‘वोट जिहाद’ के मुद्दे पर पूनम महाजन ने कहा कि विपक्षी दल हमेशा से चुनाव धार्मिक आधार पर लड़ते आए हैं। उन्होंने 2019 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वोट जिहाद देखने को मिला था, जब चुनाव जीतने के बाद शिवसेना ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया, जबकि शिवसेना खुद को हिंदुत्व की पार्टी बताती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुले तौर पर एक जाति और एक धर्म के लिए राजनीति करने की बात करती है।

पूनम महाजन ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई में कुछ दल ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति पर चुनाव लड़ रहे हैं और उसे वोट जिहाद का नाम दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुंबईकर सब कुछ समझता है और ऐसे प्रयासों का जवाब सही समय पर देगा।

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