आसनसोल से सांसद अग्निमित्रा पॉल ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस जब झारखंड में जीतती है तो कोई दिक्कत नहीं, पंजाब में केजरीवाल जीतते हैं तो ईवीएम पर सवाल नहीं, तब चुनाव आयोग पर कोई सवाल नहीं, लेकिन जब भाजपा जीतती है तो उन्हें दिक्कत होने लगती है। उन्होंने ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकाली, जिसका जवाब बिहार के लोगों ने चुनाव में दे दिया।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राहुल गांधी का कोई अस्तित्व नहीं है। जितना सम्मान बचा है, अब उसके साथ ही उन्हें वीआरएस ले लेना चाहिए। जेन-जी को देश का सम्मान पता है, वे विकास और नौकरी के लिए आगे बढ़ते हैं। बिहार में एनडीए सरकार ने काम किया है, विकास हुआ है।
वहीं, एसआईआर पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 7 करोड़ 61 लाख फॉर्म बांटे गए हैं। ममता बनर्जी कह रही थीं कि बंगाल के लोगों को एसआईआर नहीं चाहिए। उन्हें झटका मिला है। इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म लेकर लोगों ने यह साबित कर दिया कि उन्हें एसआईआर चाहिए। चुनाव आयोग के लोग भी यही देखने आए थे कि प्रक्रिया ठीक से हो रही है या नहीं। अगर कोई बीएलओ गड़बड़ी करेगा तो उसे जेल जाना पड़ेगा।
अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि हमारे शिक्षक आपस में लड़ते रहें। वे सबको दबाकर रखना चाहती हैं, किसी को नौकरी नहीं देना चाहतीं, सबको कॉन्ट्रैक्ट पर रखना चाहती हैं। इसकी आड़ में वह सत्ता में बनी रहना चाहती हैं।
बिहार शपथ समारोह में शामिल होने वाले नेताओं की जयशंकर प्रसाद ने दी जानकारी !



