पीएम मोदी ने बदली पूर्वोत्तर सोच, मणिपुर समीक्षा में बोले टोकन साहू!

टोकन साहू ने कहा कि मणिपुर के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय में काम करने की आवश्यकता है।

पीएम मोदी ने बदली पूर्वोत्तर सोच, मणिपुर समीक्षा में बोले टोकन साहू!

PM Modi has changed the mindset towards the Northeast, said Token Sahu during the Manipur review!

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री टोकन साहू ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षित विकास पहलों के जरिए पूर्वोत्तर राज्यों की सोच और तस्वीर दोनों बदल दी हैं।

मंत्री ने मणिपुर में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (इंडिया) लिमिटेड की विभागीय समीक्षा बैठकें भी कीं।

टोकन साहू ने कहा कि मणिपुर के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय में काम करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तुत की गई कुल मिलाकर सभी प्रस्तुतियां संतोषजनक रहीं, लेकिन अधिकारियों को योजनाओं के समय पर क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं और चुनौतियों से मंत्रालय को अवगत कराना चाहिए।

मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरी तरह लागू और पूरा किया जाए, भले ही विशेष परिस्थितियों में कुछ अपवाद करने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों से उन योजनाओं पर लिखित रिपोर्ट देने को भी कहा, जिन्हें क्रियान्वयन के दौरान विशेष ध्यान की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 की पूर्णता में हो रही देरी पर टिप्पणी करते हुए साहू ने कहा कि प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय को प्रस्ताव भेजे जा सकते हैं, खासकर तब जब इस योजना की 2.0 पहले ही लागू की जा चुकी है।

बैठक के दौरान राज्य सरकार की विभिन्न केंद्र प्रायोजित प्रमुख योजनाओं पर प्रस्तुतियां दी गईं।

पुराने सचिवालय, बाबूपारा (इंफाल) के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस समीक्षा बैठक में स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0, दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि की प्रगति की समीक्षा की गई।

इंफाल स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अधिकारियों ने 21 पूर्ण परियोजनाओं और चार प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की स्थिति प्रस्तुत की।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से बनी सुरक्षा स्थिति और लगातार दो वर्षों में आई अभूतपूर्व बाढ़ के कारण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में बाधा आई है। इसके चलते क्रियान्वयन एजेंसियों ने परियोजनाओं की समयसीमा सितंबर 2026 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है।

वहीं, नगर नियोजन विभाग ने ‘जल-सुरक्षित शहरों’ के उद्देश्य वाली एएमआरयूटी 2.0 योजना का अवलोकन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थोउबल, काकचिंग, बिष्णुपुर और जिरीबाम इन छह जिलों के 27 शहर इस मिशन के अंतर्गत पात्र हैं।

विभाग ने बताया कि इस योजना का फोकस उन शहरों पर है, जो पिछली योजनाओं में शामिल नहीं थे, और इसमें केंद्र व राज्य के बीच 90:10 के अनुपात में वित्तपोषण किया जा रहा है।

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