उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन से मिले प्रधानमंत्री मोदी

दी शुभकामनाएं

उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन से मिले प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (19 अगस्त) को एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद राधाकृष्णन के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा,“थिरु सीपी राधाकृष्णन जी से मुलाकात की। उन्हें एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में मेरी शुभकामनाएं दीं। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन का अनुभव और विभिन्न क्षेत्रों में सेवा हमारे राष्ट्र को अत्यधिक समृद्ध करेगा। मैं कामना करता हूं कि वे हमेशा की तरह समर्पण और दृढ़ता से देश की सेवा करते रहें।”

भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में राधाकृष्णन के नाम पर सहमति बनी। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनके नाम की घोषणा की। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था। 74 वर्षीय धनखड़ ने अगस्त 2022 में पदभार संभाला था और केवल दो साल में ही पद छोड़ दिया।

राधाकृष्णन को मैदान में उतारकर भाजपा ने न सिर्फ जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश की है बल्कि तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति भी अपनाई है। यह कदम विपक्ष के लिए चुनौती बन सकता है। खासकर डीएमके (DMK) के लिए यह फैसला मुश्किल खड़ा कर रहा है। डीएमके को तय करना होगा कि वह अपने ही राज्य के उम्मीदवार को समर्थन दे या फिर इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी रहे। तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और यदि डीएमके ने समर्थन से इनकार किया, तो भाजपा और एआईएडीएमके इसे बड़ा मुद्दा बना सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, डीएमके ने सुझाव दिया है कि इंडिया ब्लॉक भी तमिलनाडु से ही किसी उम्मीदवार को खड़ा करे।

सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्तूबर 1957 को तिरुपुर (तमिलनाडु) में हुआ। उन्होंने 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी से राजनीति की शुरुआत की। 1996 में भाजपा के तमिलनाडु सचिव बने। वे 1998 और 1999 में दो बार कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए और संसदीय वित्त समिति, सार्वजनिक उपक्रम समिति सहित वस्त्र मामलों की स्थायी समिति का नेतृत्व किया।

उन्होंने 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया और ताइवान भेजे गए पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे। 2004 से 2007 तक भाजपा तमिलनाडु अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 93 दिन की 19,000 किमी लंबी रथ यात्रा निकाली, जिसमें नदी जोड़ो, छुआछूत मिटाओ, समान नागरिक संहिता, आतंकवाद विरोध और नशे के खिलाफ अभियान जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

प्रशासनिक भूमिकाओं में भी उनका योगदान अहम रहा। 2016 से 2020 तक वे कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष रहे, इस दौरान निर्यात रिकॉर्ड स्तर 2,532 करोड़ रुपये तक पहुंचा। बाद में वे 2020 से 2022 तक भाजपा के केरल प्रभारी रहे। इसके बाद उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

उपराष्ट्रपति पद के लिए उनका नामांकन भाजपा की रणनीति को नया राजनीतिक आयाम देने वाला माना जा रहा है, खासकर दक्षिण भारत में जहां पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

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