मोतिहारी (बिहार) की जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार दौरे में एक बार फिर आरजेडी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद ने दशकों तक दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और गरीबों के नाम पर सिर्फ राजनीति की है, लेकिन हकीकत में ये अपने परिवार से बाहर किसी को सम्मान देना तक नहीं जानते। “इनकी बुरी नीयत को आज पूरा बिहार देख रहा है। हमें बिहार को इनसे बचाकर रखना है,” पीएम मोदी ने कहा।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार को विकसित बनाना है तो ऐसी सोच वाली राजनीति से मुक्ति जरूरी है। उन्होंने पूर्वी भारत के विकास का जिक्र करते हुए कहा, “पूर्वी भारत को आगे बढ़ाना है तो बिहार का तेज़ी से विकास करना जरूरी है। आज बिहार में तेज़ी से काम इसलिए हो रहा है क्योंकि राज्य और केंद्र दोनों जगह ऐसी सरकार है जो बिहार के लिए समर्पित है।”
उन्होंने यूपीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस और आरजेडी की सरकार थी, तो यूपीए के दस वर्षों में बिहार को महज़ दो लाख करोड़ रुपये ही मिले। “नीतीश जी की सरकार से ये बदला लिया जा रहा था। 2014 में जब आपने हमें केंद्र की सेवा का अवसर दिया, तब मैंने वह बदले की राजनीति खत्म की,” पीएम मोदी ने कहा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के दस वर्षों में बिहार को विकास के लिए कई गुना ज्यादा धनराशि मिली है, जो जनकल्याण योजनाओं और बुनियादी ढांचे के लिए उपयोग की जा रही है। उन्होंने आरजेडी-कांग्रेस शासन की तुलना करते हुए कहा, “उनके समय में गरीब के हक़ का पैसा लूटा जाता था, विकास पर ब्रेक लगा हुआ था। आज गरीबों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच रहा है।”
पीएम मोदी ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक घर बने हैं, जिनमें से 60 लाख से अधिक अकेले बिहार में बने हैं। “मोतिहारी ज़िले में ही 3 लाख गरीब परिवारों को पक्के घर मिले हैं। कांग्रेस-आरजेडी के राज में ऐसा सोचना भी असंभव था,” उन्होंने कहा। उन्होंने कांग्रेस-राजद शासन के भय का जिक्र करते हुए कहा, “उस समय लोग अपने मकान पर रंग-रोगन कराने से भी डरते थे कि कहीं कोई अफसर मकान मालिक को ही उठा न ले जाए।”
प्रधानमंत्री ने पूर्वी भारत के औद्योगिक और पर्यटन विकास का विजन भी सामने रखा। उन्होंने कहा, “जैसे पश्चिम में मुंबई है, वैसे पूरब में मोतिहारी का नाम हो। गुरुग्राम की तरह गया, पुणे की तरह पटना, सूरत की तरह संथाल परगना, जयपुर जैसा जलपाईगुड़ी और जाजपुर, बेंगलुरु की तरह वीरभूम — हम हर पूर्वी क्षेत्र को आगे लाना चाहते हैं।” सभा की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक चंपारण आंदोलन की धरती को नमन करते हुए कहा, “यह धरती गांधी जी को दिशा देने वाली धरती है। आज़ादी के आंदोलन की प्रेरणा अब विकास के आंदोलन का मार्गदर्शन करेगी।”
उन्होंने कहा कि 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास आज हुआ है, जो बिहार के नए युग की शुरुआत है। “21वीं सदी में पूर्वी देश तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, और भारत के पूर्वी राज्य इस दौड़ में अगुआ बनने जा रहे हैं,” उन्होंने जोर देकर कहा।
प्रधानमंत्री मोदी का मोतिहारी दौरा महज़ परियोजनाओं का लोकार्पण नहीं, बल्कि विपक्ष को करारा राजनीतिक संदेश था। विकास के वादों के साथ उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी की विफल नीतियों और दुराव के विरुद्ध जनता से सतर्क रहने की अपील की। यह जनसभा एक बार फिर साफ कर गई कि 2024-25 के राजनीतिक परिदृश्य में बिहार निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है।
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