लखनऊ में भाजपा के राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने जेएनयू में आरएसएस के पथ संचलन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही सकारात्मक और ऐतिहासिक संकेत है।
प्रकाश पाल ने कहा, “यह बहुत अच्छी बात है कि राष्ट्रवादी संगठनों ने पहली बार ऐसी जगह पर पथ संचलन किया है, जहां कभी ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाल्लाह-इंशाल्लाह’ जैसे देश विरोधी नारे लगाए जाते थे। जेएनयू की वही जमीन, जहां से कभी देश को तोड़ने की बातें उठती थीं, आज वहां राष्ट्रवाद का संचलन हो रहा है। यह बदलते भारत और बदलते जेएनयू का संकेत है।”
वहीं, आम आदमी पार्टी ने इस पूरे आयोजन पर तंज कसा है। दिल्ली से आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि जब सरकार और पुलिस का संरक्षण मिलता है तो कोई भी कार्यक्रम हो सकता है।
हैदराबाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. हनुमंत राव ने आरएसएस के इस पथ संचलन को खतरनाक करार दिया है। उन्होंने कहा, “पहले जेएनयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) संगठन काम करता था, अब वे सीधे आरएसएस के पथ संचलन और विजयादशमी उत्सव से जुड़ रहे हैं। यह वाकई बहुत खतरनाक स्थिति है।”
उन्होंने आगे कहा, “इससे कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्या पैदा होगी। आरएसएस का मतलब ही कट्टरपंथी है। वे सिर्फ हिंदुओं को चाहते हैं, उन्हें मुसलमान, ईसाई या दूसरे समुदाय के लोग नहीं चाहिए। जेएनयू में इसकी शुरुआत हो रही है। इससे शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह खराब हो जाएगी और छात्र कभी भी कैंपस में हंगामा कर सकते हैं।”
