मन की बात की शुरुआत में गणतंत्र दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 26 जनवरी को हम सभी गणतंत्र दिवस का पर्व मनाएंगे, इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। 26 जनवरी का ये दिन हमें अपने संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है।
स्टार्टअप इंडिया की यात्रा को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज से 10 साल पहले 2016 में हमने स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत की थी। देश के युवाओं ने इसके लिए जो इनोवेशन किए, वे इतिहास में दर्ज हो रहे हैं।
देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम गुणवत्ता पर जोर दें। हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को अहमियत दें, इस पर ध्यान दें। गुणवत्ता को बेहतर करने का संकल्प लें। हमारे भारतीय उत्पादों की पहचान गुणवत्ता होनी चाहिए।
जन-भागीदारी पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समस्याओं का समाधान खोजना देशवासियों के खून में है। कुछ लोग स्टार्टअप के जरिए करते हैं तो कुछ समाज की सामूहिक भागीदारी से। ऐसा ही एक प्रयास यूपी के आजमगढ़ में दिखाई दिया, जहां स्थानीय लोगों ने तमसा नदी को नया जीवन दिया है।
जेन जी के बीच भजन क्लबिंग की लोकप्रियता पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज के युवाओं ने भक्ति को अपनी जीवनशैली में ढाल लिया है। युवा इकट्ठा हो रहे हैं, संगीत हो रहा है। कंसर्ट में भक्तिभाव से भजन गाए जा रहे हैं। इसे भजन क्लबिंग कहा जा रहा है, जो जेन जी के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
दुनिया के अलग-अलग कोने में देश के त्योहार मनाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं। दुनिया भर में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा है। आमतौर पर जब कोई 18 साल का हो जाता है और मतदाता बन जाता है तो उसे जीवन का एक सामान्य पड़ाव समझा जाता है। लेकिन, ये अवसर किसी भी भारतीय के जीवन का बहुत बड़ा माइलस्टोन होता है। पीएम मोदी ने आह्वान करते हुए कहा कि बहुत जरूरी है कि हम देश में मतदाता बनने का उत्सव मनाएं।
मन की बात में मिलेट्स का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मिलेट के प्रति लोगों का लगाव लगातार बढ़ रहा है। 2023 को हमने मिलेट वर्ष घोषित किया था, लेकिन आज तीन साल बाद इसे लेकर जो पैशन है, वो उत्साहित करने वाला है।
स्वच्छता के प्रति युवाओं की भागीदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के युवा स्वच्छता के प्रति सजग हैं। अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में युवाओं का समूह उन हिस्सों की सफाई के लिए एकजुट हुआ, जहां इसकी जरूरत थी।
एक उदाहरण के साथ पर्यावरण संरक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के कूचबिहार के रहने वाले बैनोई दास ने खुद के पैसों से हजारों पेड़ लगाए। अब इलाके में हरियाली काफी ज्यादा बढ़ गई है।
बजट 2026: प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कर क्या, महंगाई-बाजार से क्या रिश्ता!



