उन्होंने कहा कि आज की बैठक, हमें यह साफ और मजबूत संदेश देने का अच्छा मौका थी कि क्वाड इस दिशा में जरूरी और ठोस सहयोग को आगे बढ़ाएगा। खुलकर हुई चर्चा के दौरान हम क्षेत्रीय हालात को लेकर अपनी रणनीतिक सोच को एक जैसा करने में सफल रहे और इस बात पर सहमत हुए कि ताकत या दबाव के जरिए एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने की किसी भी कोशिश का हम कड़ा विरोध करेंगे।
जापानी विदेश मंत्री ने कहा कि क्वाड देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर ‘गहरी चिंता’ जताई है।
मोटेगी ने बताया कि बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ उसकी साइबर गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। हमने उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि क्वाड देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट में सुरक्षित और स्वतंत्र समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने और मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की अहमियत पर जोर दिया।
मोटेगी ने कहा, “ईरान की स्थिति का इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर, खासकर ऊर्जा आपूर्ति के मामले में, बड़ा असर पड़ता है। इसलिए हमने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने और मध्य पूर्व में स्थिरता लाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की अहमियत पर सहमति जताई।
उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव फ्रेमवर्क को सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताया।
मोटेगी ने कहा कि इस तरह आज हमने कई सहयोगी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति बनाई है। हम क्वाड देशों के साथ मिलकर क्षेत्र में मजबूती और आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर काम करना चाहते हैं, ताकि देश अपने फैसले खुद ले सकें और पूरे क्षेत्र के हित में सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके।”
उन्होंने 2019 में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की पहली बैठक को याद करते हुए कहा कि क्वाड सहयोग में हुई प्रगति देखकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने क्वाड को ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ को साकार करने की ताकत बताया।
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