‘डेड इकॉनमी’ बयान पर राहुल गांधी चौतरफा घिरे, सहयोगियों ने भी जताई नाराज़गी!

‘डेड इकॉनमी’ बयान पर राहुल गांधी चौतरफा घिरे, सहयोगियों ने भी जताई नाराज़गी!

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘डेड इकॉनमी’ वाले बयान का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। भाजपा के साथ-साथ उनके अपने सहयोगी दलों और पार्टी नेताओं ने भी उनके बयान से असहमति जताई है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर और राजीव शुक्ला ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर ज़ोर दिया। थरूर ने कहा कि नई दिल्ली को वाशिंगटन की अनुचित मांगों के आगे नहीं झुकना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ट्रंप की आलोचना की और कहा कि ऐसा दावा ‘या तो अहंकार या अज्ञानता’ से प्रेरित हो सकता है।

“यह अहंकार है या अज्ञानता”:प्रियंका चतुर्वेदी

शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। इसे ‘डेड इकॉनमी’ कहना या तो अहंकार है या अज्ञानता।” उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Instagram पर यह टिप्पणी की। उन्होंने माना कि भारत को प्रति व्यक्ति आय जैसे कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है।

“डोनाल्ड ट्रंप भ्रम में जी रहे हैं” — राजीव शुक्ला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने भी ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा, “हमारी आर्थिक स्थिति कमज़ोर नहीं है। कोई अगर सोचता है कि वह भारत को आर्थिक रूप से बर्बाद कर सकता है, तो यह मात्र एक भ्रम है।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान तेल समझौते से भारत का कोई लेना-देना नहीं है और भारत किस देश से व्यापार करेगा, यह भारत स्वयं तय करेगा।

“विकल्पों की कोई कमी नहीं” — शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जहां राहुल गांधी के बयान से दूरी बनाई, वहीं भारत की आर्थिक रणनीति का बचाव करते हुए कहा, “अगर अमेरिका में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते, तो हमें अपने बाज़ार विविध बनाना होंगे। यूरोपीय संघ, ब्रिटेन जैसे देशों से बातचीत चल रही है। हमारे पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है।”

दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए लिखा, “मनमोहन सिंह के समय GDP ग्रोथ रेट: 2008 – 3.1%, 2011 – 5.2%, 2012 – 5.5%; और मोदी सरकार के समय: 2015 – 8.0%, 2016 – 8.3%, 2021 – 9.1%। राहुल गांधी की बातों का जवाब आंकड़ों में है।”

शिंदे का हमला — “भारत से नहीं, पाकिस्तान से है प्यार”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “आतंक और टैरिफ जैसे मुद्दों पर विपक्ष को देश के साथ खड़ा होना चाहिए। सैनिकों के साथ खड़ा होना चाहिए, लेकिन वे पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। यह भारत से नहीं, यह पाकिस्तान से प्यार करते है।”

राहुल गांधी का ‘डेड इकॉनमी’ बयान राजनीतिक रूप से आत्मघाती साबित हो गया है। जहां भाजपा ने उनके बयान को देश विरोधी करार दिया, वहीं उनके अपने साथी नेताओं और सहयोगी दलों ने भी स्पष्ट रूप से असहमति जताई। ऐसे में यह बयान राहुल गांधी की विश्वसनीयता और राजनीतिक सूझबूझ पर हर बार की तरह एक और सवाल खड़ा करता है।

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