RSS पर दिए गए बयान के बाद राहुल गांधी को आना पड़ा भिवंडी मजिस्ट्रेट अदालत में; क्या है मामला?

मार्च में होगी अगली सुनवाई

RSS पर दिए गए बयान के बाद राहुल गांधी को आना पड़ा भिवंडी मजिस्ट्रेट अदालत में; क्या है मामला?

Rahul Gandhi forced to appear before Bhiwandi Magistrate Court after his statement on RSS; what is the matter?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार, 21 फरवरी को ठाणे जिले की भिवंडी मजिस्ट्रेट कोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि के मामले में नए जमानतदार को प्रस्तुत करने के लिए उपस्थित हुए। अदालत ने उन्हें नया जमानतदार पेश करने को कहा था, क्योंकि उनके पूर्व जमानतदार पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का पिछले वर्ष दिसंबर में निधन हो गया था। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाळ को नए जमानतदार के रूप में प्रस्तुत किया।

सुनवाई के बाद राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने कहा, “जमानत देने वाले व्यक्ति का निधन हो गया था, इसलिए नया जमानतदार देना आवश्यक था। अब हर्षवर्धन सपकाळ ने जमानत प्रस्तुत की है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार मुकदमा तेजी से चलेगा। सच्चाई जल्द सामने आएगी; हमें अदालत पर भरोसा है।”

राहुल गांधी ने अदालत के आदेश के अनुसार पहले भी कई बार अपने बयानों के लिए माफी मांगी है। उनसे पूछा गया कि क्या वे इस बार भी माफी मांगेंगे, तो उनके वकील ने कहा, “माफी का सवाल ही नहीं है। हमें केवल जमानत देनी थी, जो हमने कर दी है। अगली सुनवाई मार्च में होगी और हम न्यायिक प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं।”

मामला क्या है?

2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक सभा में राहुल गांधी ने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या में राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ का हाथ था। इसी बयान को लेकर संघ के कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने मानहानि का मुकदमा दायर किया। उनका आरोप है कि इस टिप्पणी से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा। मामले में गवाहों की जिरह पूरी हो चुकी है, और अब अदालत अगली सुनवाई में आगे की प्रक्रिया तय करेगी।

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