कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कोलंबिया दौरे के दौरान दिए गए बयान ने देश में सियासी हलचल मचा दी है। अपने विदेश दौरे के तहत उन्होंने कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में छात्रों और बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत की।
इस दौरान राहुल गांधी ने भारत की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “भारत में लोकतंत्र और संस्थाओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।” उन्होंने दावा किया कि मीडिया और न्यायपालिका जैसे स्तंभों की स्वतंत्रता पर खतरा मंडरा रहा है।
राहुल गांधी के इस बयान के सामने आते ही भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी बार-बार विदेश जाकर भारत की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता देश की संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठाकर विपक्षी राजनीति को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ले जा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने केवल सच्चाई को उजागर किया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा करना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है और राहुल गांधी इसी उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात रख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान आने वाले चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बन सकता है। विपक्ष इसे लोकतंत्र की सुरक्षा से जोड़कर जनता के बीच ले जाएगा, जबकि भाजपा इसे “भारत विरोधी मानसिकता” बताकर कांग्रेस पर दबाव बनाएगी।
कुल मिलाकर, राहुल गांधी का कोलंबिया वाला बयान भारतीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर चुका है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने और गहराते नजर आ सकते हैं।
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