नई दिल्ली में आयोजित द्वि-साप्ताहिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताया और क्षेत्र में जल्द शांति एवं स्थिरता बहाल होने की अपील की।
उन्होंने कहा, “लाल सागर क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति के बिगड़ने से हम चिंतित हैं। आपने इस संबंध में हमारा पहले का बयान भी देखा होगा। हमने सऊदी अरब की संप्रभु सीमा, वहां के नागरिकों और आर्थिक परिसंपत्तियों पर हुए हमलों की निंदा की है।
जायसवाल ने कहा, “कई कारणों से यह स्थिति हमारे लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है। हम उम्मीद करते हैं कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।”
बुधवार को मक्का के निकट हुए ड्रोन हमले की घटना पर चिंता जताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह शहर दुनिया भर के मुसलमानों के लिए अत्यंत धार्मिक महत्व रखता है। मक्का के निकट हुए ड्रोन हमले को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।
विदेश मंत्रालय का यह बयान उस घटना के बाद आया, जब सऊदी अरब की रॉयल एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार को हूती विद्रोहियों द्वारा दागे गए एक शत्रुतापूर्ण ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया था।
इस सप्ताह की शुरुआत में भी विदेश मंत्रालय ने यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच हालिया हमलों के मद्देनजर रेड सी क्षेत्र की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी। मीडिया ब्रीफिंग में जायसवाल ने कहा, “हमारे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा, “हम सऊदी अरब की संप्रभु सीमा, नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक परिसंपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमलों की निंदा करते हैं। ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा करते हैं। ये गतिविधियां स्पष्ट रूप से हमारे लिए अस्वीकार्य हैं। हम क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद करते हैं। साथ ही, हमें दुनिया के इसी हिस्से से ऊर्जा आपूर्ति भी प्राप्त होती है।”
