शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के MP संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बारे में अपने बयानों के लिए माफ़ी मांगी है। संजय राउत ने कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी कोर्ट की बेइज्ज़ती नहीं की। हो सकता है गुस्से में यहां-वहां कोई शब्द बोल दिया हो; लेकिन कोर्ट की बेइज्ज़ती करने का मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं सुप्रीम कोर्ट से दस बार माफ़ी मांगता हूं।”
संजय राउत ने आगे कहा कि हमारे आस-पास हो रही घटनाएं मन को बेचैन करती हैं और गुस्सा पैदा करती हैं। उन्होंने दावा किया कि यह भावना सिर्फ़ उनकी नहीं है बल्कि देश के लाखों लोगों में भी ऐसी नाराज़गी है। उन्होंने साफ़ किया कि अगर गुस्से में कोई शब्द बोल दिया है, तो वह माफ़ी मांगते हैं।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत के विपक्षी पार्टियों के नेताओं से मिलने से मना करने के बाद राउत ने जजों के बर्ताव पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बयान दिया था कि जज BJP के राजनीतिक इवेंट्स में जाते हैं और मुख्यमंत्री जजों के लिए खाना होस्ट करते हैं। इन बयानों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को राउत से उनके व्यवहार के बारे में बताने को कहा।
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