शेख हसीना, उनकी बहन और ब्रिटिश सांसद भतीजी तुलिप सिद्दीकी को भ्रष्टाचार मामले में सज़ा

शेख हसीना, उनकी बहन और ब्रिटिश सांसद भतीजी तुलिप सिद्दीकी को भ्रष्टाचार मामले में सज़ा

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके परिवार पर कानूनी शिकंजा और कस गया है। ढाका की एक अदालत ने पुरबाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट आवंटन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में हसीना, उनकी बहन शेख रेहाना, और उनकी भतीजी व ब्रिटिश सांसद तुलिप सिद्दीकी को दोषी ठहराकर स जा सुनाई है।

कोर्ट का फैसला देश में जारी राजनीतिक संकट और हसीना परिवार के खिलाफ बढ़ती कानूनी कार्रवाई के बीच आया है, जिसके अनुसार शेख हसीना को 5 साल की कैद, शेख रेहाना को 7 साल की कैद, ब्रिटिश सांसद तुलिप सिद्दीकी को 2 साल की कैद की सजा सुनाई गई है।

तुलिप सिद्दीकी लंबे समय से बांग्लादेशी न्यायिक प्रक्रिया की आलोचना करती रही हैं। उन्होंने इस केस को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था और खुद को राजनीतिक लड़ाई के बीच की क्षति कहकर आलोचना की थी। जनवरी में उन्होंने मंत्री पद भी छोड़ दिया था।

अवामी लीग ने अदालत के फैसले और पूरे कानूनी ढांचे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय पूरी तरह पूर्वनियोजित था। पार्टी ने बयान जारी किया, “जैसा कि हाल के ACC मामलों में होता आया है, यह भी राजनीतिक उद्देश्यों से संचालित है। कोई ठोस सबूत नहीं है, न ही आरोपियों को उचित कानूनी प्रतिनिधित्व मिला।”

उन्होंने आगे कहा,“यह प्रक्रिया न्यायिक निष्पक्षता की किसी भी कसौटी पर खरी नहीं उतरती, और स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनी विशेषज्ञों ने भी इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।”

यह सज़ा ऐसे समय आई है जब पूर्व प्रधानमंत्री हसीना पहले से ही कई मामलों में दोषी ठहराई जा चुकी हैं। 27 नवंबर को ढाका की विशेष अदालत ने उन्हें तीन अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में कुल 21 साल की सज़ा दी थी। जनवरी में ACC ने 6 अलग-अलग मामले दर्ज किए थे, जिनमें हसीना के बेटे सजीब वाजिद जॉय और बेटी सायमा वाज़ेद पुतुल भी आरोपी हैं।

17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय अपराध अधिकरण ने हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्ज़मान खान कमाल को मानवता के विरुद्ध अपराधों में मौत की सज़ा सुनाई थी।

ACC का आरोप है कि पुरबाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुईं। अदालत ने रिकॉर्ड और गवाहियों के आधार पर हसीना, रेहाना और तुलिप सिद्दीकी को दोषी माना। यह फैसला अनुपस्थिति में सुनाया गया, क्योंकि आरोपी अदालत में मौजूद नहीं थे।

अवामी लीग ने टिप्पणी की कि बांग्लादेश के अंतरिम सरकार प्रमुख मुहम्मद यूनुस ACC का इस्तेमाल ध्यान भटकाने के हथियार के रूप में कर रहे हैं। पार्टी ने कहा, “यूनुस अपने शासन की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए ACC को स्मोकस्क्रीन की तरह उपयोग कर रहे हैं।”

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