देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण की प्रक्रिया जारी है। वोटर लिस्ट अपडेट करने के क्रम में निर्वाचन आयोग की तरफ से मतदाताओं को घर-घर जाकर गणना फॉर्म (ईएफ) दिए जा रहे हैं। इसके अलावा मतदाता खुद भी ऑनलाइन गणना फॉर्म भर रहे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चरण-2 में महत्वपूर्ण प्रगति की सूचना दी, जिसके तहत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 98.79 प्रतिशत गणना फॉर्म (ईएफ) पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
चुनाव आयोग की तरफ से बुधवार को यह जानकारी साझा की गई। जानकारी के अनुसार, कुल 50.97 करोड़ मतदाताओं में से कुल 50.35 करोड़ से ज्यादा गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।
गोवा और लक्षद्वीप राज्यों ने 100 प्रतिशत वितरण हासिल किया, जबकि गुजरात (99.58 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (99.76 प्रतिशत), उत्तर प्रदेश (99.48 प्रतिशत), पश्चिम बंगाल (99.70 प्रतिशत), अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (99.98 प्रतिशत), केरल (96.83 प्रतिशत), राजस्थान (99.16 प्रतिशत), और तमिलनाडु (95.16 प्रतिशत) में कवरेज हो चुका है।
हालांकि, डिजिटलीकरण की रफ्तार तुलनात्मक रूप से धीमी बनी हुई है। वितरित कुल गणना प्रपत्र में से, अब तक केवल 15.98 प्रतिशत (8.15 करोड़ फॉर्म) का ही डिजिटलीकरण किया गया है।
गोवा 48.50 प्रतिशत डिजिटलीकरण के साथ सबसे आगे है, उसके बाद राजस्थान 40.90 प्रतिशत और पुडुचेरी 27.34 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
उत्तर प्रदेश (3.77 प्रतिशत) और केरल (1.89 प्रतिशत) सहित कई बड़े राज्यों में वर्तमान में डिजिटलीकरण की दर कम है।
जानकारी में इस प्रक्रिया में शामिल कर्मियों की संख्या के बारे में भी बताया गया। गणना प्रपत्र वितरण की इस प्रक्रिया में 533,093 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) और 1,041,291 बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) तैनात किए गए हैं।
चुनाव आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से क्षेत्र-स्तरीय सत्यापन में सहायता के लिए अतिरिक्त बीएलए नियुक्त करने का आग्रह किया है।
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