यह 18वीं लोकसभा की संसदीय समिति की 2026-27 की रिपोर्टें हैं। इनमें एक व्यापक जांच रिपोर्ट, एक क्षैतिज जांच रिपोर्ट और 4 कार्रवाई की गई रिपोर्टें (एटीआर) शामिल हैं।
समिति ने एनएचपीसी लिमिटेड की व्यापक जांच रिपोर्ट, बीमा क्षेत्र के सरकारी उपक्रमों के प्रदर्शन की क्षैतिज जांच रिपोर्ट और बीएसएनएल द्वारा 25,000 वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाने के ऑडिट पर कार्रवाई रिपोर्ट पेश की।
समिति ने इन रिपोर्टों के जरिए अर्थव्यवस्था के अहम क्षेत्रों में सरकारी कंपनियों के कामकाज को परखा और शासन, जवाबदेही और कुशलता बेहतर करने के सुझाव दिए।
बीमा क्षेत्र के सरकारी उपक्रमों की समीक्षा वाली रिपोर्ट में समिति ने जोर दिया कि देश में बीमा की पहुंच बढ़ाई जाए। समिति ने ‘2047 तक सबके लिए बीमा’ के लक्ष्य को हासिल करने की बात कही।
रिपोर्ट में कहा गया कि बीमा व्यवस्था में डिजिटल बदलाव लाने की जरूरत है। इससे सस्ते और आसानी से मिलने वाले बीमा उत्पाद आम लोगों तक पहुंचेंगे और हर नागरिक को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिल सकेगी। समिति की उत्पादकता पिछले दो साल में काफी बढ़ी है।
2024-25 में समिति ने 12 रिपोर्टें दी थीं, जबकि 2025-26 में 18 रिपोर्टें पेश की गईं। 2024 में एक ही दिन में 8 रिपोर्टें और 2025 में एक ही दिन में 11 रिपोर्टें पेश कर समिति ने रिकॉर्ड भी बनाया।
2026-27 के लिए समिति ने 21 विषय चुने हैं। इनमें विमानन, रेलवे, कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश और सरकारी कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल जैसे नए मुद्दे शामिल हैं।
समिति ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों की भी गहन जांच करेगी।
बैजयंत पांडा ने कहा कि इन रिपोर्टों के पीछे समिति के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक चर्चा का बड़ा योगदान है। इसी वजह से समिति संसदीय जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा पा रही है।
