28 C
Mumbai
Monday, February 16, 2026
होमदेश दुनियासोमनाथ स्वाभिमान पर्व: मोदी नेतृत्व में स्वर्णिम युग, 11 जनवरी को होंगे...

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: मोदी नेतृत्व में स्वर्णिम युग, 11 जनवरी को होंगे शामिल!

यह भारत की संस्कृति में सोमनाथ का अग्रिम स्थान तथा उसके अविनाशी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।  

Google News Follow

Related

सौराष्ट्रे सोमनाथं च, श्री शैले मल्लिकार्जुनम्, उज्जयिन्यां महाकालम् ऊंकारमअमलेश्वरम्।’  द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम की यह पंक्ति दर्शाती है कि जब भारत के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों का वर्णन होता है,  तब सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है। यह भारत की संस्कृति में सोमनाथ का अग्रिम स्थान तथा उसके अविनाशी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।

पिछले दो दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर ‘स्वर्णिम युग’ में प्रविष्ट हुआ है। उनके श्री सोमनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने के बाद से सोमनाथ के विकास में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।

वर्ष 2026 में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ पर 1026 में किए गए प्रथम आक्रमण के हजार वर्ष पूर्ण हो गए हैं। आज एक हजार वर्षों के बाद भी सोमनाथ मंदिर पूर्ण गौरव के साथ अडिग खड़ा है। संयोग से 2026 में ही सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं।

11 मई, 1951 को इस भव्य मंदिर का पुनर्निर्माण संपन्न हुआ था और फिर यह भक्तों के लिए खुला था। इस सीमाचिह्न समान घटना को और विशेष बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 11 जनवरी को सोमनाथ की यात्रा पर आएंगे और ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में उपस्थिति देंगे।

शिखर पर 1,666 स्वर्ण कलशों और 14,200 ध्वजाओं के साथ सोमनाथ मंदिर तीन पीढ़ियों की अडिग श्रद्धा, दृढ़ता तथा कलात्मकता के प्रतिबिंब के रूप में खड़ा है। हर वर्ष लाखों लोग इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आते हैं। वर्ष 2020 से 2024 तक वार्षिक अनुमानित 97 लाख श्रद्धालु सोमनाथ के दर्शन के लिए आए हैं।

बिल्व पूजा के लिए पिछले 2 वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या 13.77 लाख दर्ज हुई थी, जिसमें महाशिवरात्रि 2025 के दौरान 3.56 लाख श्रद्धालु आए थे। आज ऑनलाइन बुकिंग तथा पोस्टल प्रसादी की सुविधा यह सुनिश्चित करती है कि सोमनाथ की पवित्रता मंदिर की सीमाओं को पारकर सभी भक्तों तक पहुंचे।

सोमनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए लाइट एंड साउंड शो तथा उत्सवों का आकर्षण भी रहा है। पिछले 3 वर्षों में 10 लाख से अधिक लोगों ने सोमनाथ की गाथा का वर्णन करने वाला लाइट एंड साउंड शो को देखा है।

सोमनाथ प्रांगण में मनाए जा रहे उत्सव की बात करें, तो गत वर्ष वंदे सोमनाथ कला महोत्सव में 1,500 वर्ष पुरानी नृत्य परंपराएं पुनर्जीवित हुई थीं, जो दर्शाता है कि सोमनाथ केवल आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करता है।

सोमनाथ की यात्रा भक्तों के लिए अधिक सरल तथा आरामदायक बने, इस उद्देश्य से कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। 828 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट ‘जेतपुर-सोमनाथ फोर लेन हाईवे’ के कारण यात्रियों-श्रद्धालुओं को एक्सप्रेसवे की सुविधा मिली है।

साबरमती-वेरावळ वंदे भारत एक्सप्रेस के कारण अहमदाबाद से सोमनाथ की यात्रा अब अधिक तेज एवं सुलभ बनी है। इसके अलावा, वर्ष 2022 में पुनः शुरू किए गए केशोद एयरपोर्ट तथा 2023 में राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए सोमनाथ पहुंचना सुलभ बना है।

वर्ष 2018 में ‘स्वच्छ आइकॉनिक प्लेस’ के रूप में मान्यता प्राप्त करने वाला सोमनाथ आज टिकाऊ विकास तथा नवाचार का उत्तम उदाहरण बना है। वेस्ट सेग्रिगेशन केंद्रों में अब मंदिर के फूलों को वर्मीकंपोस्ट में रूपांतरित कर उसका उपयोग 1,700 बिल्व वृक्षों के संवर्धन में होता है।

मिशन लाइफ पहल के अंतर्गत प्लास्टिक कूड़े से प्रतिमाह पेवर ब्लॉक्स तैयार किए जाते हैं। यहां हर महीने लगभग 4,700 प्लास्टिक-फ्लाई एश ब्लॉक्स का उत्पादन किया जाएगा, जो स्थानीय महिला स्वयं-सहायता समूहों के लिए आय सृजित करेगा तथा वार्षिक 125 टन प्लास्टिक रिसाइकिल करेगा।

62 लाख रुपए की लागत से पुनर्स्थापित किए गए छह वर्षा जल संग्रह कुएं और एक जलाशय हर महीने लगभग 30 लाख लीटर सीवेज जल को शुद्ध करते हैं, जिसका उपयोग वनीकरण के लिए किया जाता है, जबकि 2019-20 में 160 लाख रुपए के निवेश से स्थापित आठ सीवेज शुद्धिकरण प्लांट्स ने कृषि एवं लैंडस्केप सिंचाई के लिए 20.53 करोड़ लीटर पानी फिल्टर किया है।

72,000 वर्ग फीट क्षेत्र में विकसित तथा 7,200 पेड़ों से समृद्ध मियावाकी वन समुद्री तथा क्षारीय हवाओं से रक्षा देता है। आईआईटी-कानपुर के अध्ययन के अनुसार यह वन दो वर्ष बाद वार्षिक 93,000 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड शोषित करेगा।

इतना ही नहीं, ट्रस्ट द्वारा सेवा भाव से अभिषेक का पवित्र जल नौ स्तरीय शुद्धिकरण प्लांट द्वारा शुद्ध करके ‘सोम गंगाजल’ के रूप में 15 रुपए में वितरित किया जाता है। दिसंबर 2024 तक 1.13 लाख से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिला है। इन सभी प्रयासों द्वारा सोमनाथ नेट-जीरो मंदिर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

गूगल पर भारतीयों द्वारा सर्वाधिक सर्च किए गए शीर्षस्थ 10 स्थानों में सोमनाथ शामिल है। इसके अलावा, 2025 में सोमनाथ की सोशल मीडिया इम्प्रेशन 1.37 अरब को पार कर गई है, जो विश्वभर के भक्तों में सोमनाथ के प्रति श्रद्धा एवं आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है। भारत की आस्था तथा स्वाभिमान का प्रतीक सोमनाथ मंदिर विकसित भारत के निर्माण के लिए भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल देते हुए लिखा था, ”यदि हजार वर्ष पहले खंडित हुआ सोमनाथ मंदिर संपूर्ण वैभव के साथ पुनः खड़ा हो सकता है, तो हम हजार वर्ष पहले वाला समृद्ध भारत भी पुनः बना सकते हैं।”

यह भी पढ़ें-

वैश्विक अस्थिरता के बावजूद 2026 में तेज गति से बढ़ेगी भारत की अर्थव्यवस्था: यूएन 

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,205फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
292,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें