सुप्रीम कोर्ट ने आतंकी वित्तपोषण (Terror Financing) मामले में कैद कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की जमानत याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को नोटिस जारी किया है। शाह ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मंगलवार (2 सितंबर)को सुनवाई के दौरान शब्बीर शाह को अंतरिम जमानत देने से इनकार किया। हालांकि, अदालत ने NIA से दो हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने दलील दी कि उनका मुवक्किल बेहद बीमार है और इलाज के लिए उसे जमानत की आवश्यकता है। लेकिन बेंच ने तत्काल राहत देने से इंकार कर दिया।
शब्बीर अहमद शाह को 4 जून, 2019 को NIA ने गिरफ्तार किया था। हाई कोर्ट ने इस साल 12 जून को जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि शाह के फिर से गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
NIA ने 2017 में एक बड़ा केस दर्ज किया था। आरोप है कि शाह समेत 12 लोगों ने कश्मीर घाटी में पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के लिए धन जुटाया और इकट्ठा किया। यह रकम आतंकी गतिविधियों और अलगाववादी आंदोलनों को बढ़ावा देने में इस्तेमाल की गई। अब सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए से जवाब तलब किया है और मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी। तब यह स्पष्ट होगा कि शाह को राहत मिलती है या नहीं।
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