वेलिंगटन में मद्रास रेजिमेंट सेंटर (एमआरसी) और आर्मी ट्रेनिंग कॉलेज जैसे बड़े सैन्य प्रशिक्षण केंद्र हैं। यह कॉलेज भारतीय सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ 50 से ज्यादा देशों के करीब 500 प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग देता है, जिसमें चीन और पाकिस्तान शामिल नहीं हैं।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “मैं आज यहां भारत और मित्र देशों के युवा सैन्य नेताओं के बीच हूं। आप सभी ने कोर्स पूरा किया, इसके लिए बधाई। आप देश की सुरक्षा और तरक्की के लिए तैयार हैं। मुझे आप पर गर्व है।”
उन्होंने हाल ही में म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप का जिक्र करते हुए कहा, “भारत हमेशा मुश्किल वक्त में दोस्तों के साथ खड़ा रहता है। हमने म्यांमार को राहत पहुंचाई, यह हमारा कर्तव्य है।”
उन्होंने युवा अधिकारियों से कहा, “आप भविष्य के सैन्य नेता हैं। आपको बड़ी जिम्मेदारी निभानी है। आज दुनिया तेजी से बदल रही है। डिजिटल सुरक्षा, तकनीक और नई चुनौतियां आपके सामने होंगी। इनसे निपटने के लिए आपको तैयार रहना होगा। अपने देश और लोगों के लिए बेहतर भविष्य बनाना आपका लक्ष्य है।”
राजनाथ सिंह ने वैश्विक बदलावों पर जोर देते हुए कहा, “तकनीक और नवाचार आज दुनिया को प्रभावित कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इनका सही इस्तेमाल जरूरी है। आपको इनके फायदे और नुकसान दोनों समझने होंगे।”
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